पशु लावारिस छोड़ना पड़ेगा भारी!
समाचारAgrostar
पशु लावारिस छोड़ना पड़ेगा भारी!
👉उत्तर प्रदेश में गायों को सड़कों पर लावारिस छोड़े जाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने हर गांव और हर घर में मवेशियों की गणना शुरू की है. एक अधिकारी ने बताया कि इस कवायद से मवेशियों की आबादी पर नजर रखने में मदद मिलेगी और यह पता लगाया जा सकेगा कि क्या किसी घर ने दूध देना बंद करने के बाद गायों को छोड़ दिया है. 👉ऐसे में ऐसे परिवारों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्याम बहादुर सिंह ने रविवार को बताया कि सरकार ने गौशालाएं स्थापित की हैं, लेकिन कई परिवार अब भी अपने मवेशियों को इन गौशालाओं में ले जाने के बजाय सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं. शाहजहांपुर में 56 गौशालाएं हैं, जिनमें 12,669 गायें हैं. यहां चार और गौशालाएं बनाई जा रही हैं. 👉सीडीओ ने बताया, ‘मैंने (सरकारी) कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों के ग्रामीणों से बात करें और उन्हें अपने मवेशियों को दूध देना बंद करने पर छोड़ने के लिए हतोत्साहित करें.’ सीडीओ ने कहा, ‘एक गांव और घर में गायों की संख्या का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण चल रहा है. इस दौरान ग्रामीणों से पूछा जाएगा कि क्या उन्होंने अपने मवेशियों में से किसी को दूध देना बंद करने के बाद खुला छोड़ दिया है. ऐसा करने वालों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.’ अपर पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेयी ने कहा कि छुट्टा मवेशी सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस थानों को निर्देश दिए गए हैं कि हादसों में घायल हुए लोगों के साथ-साथ घायल गायों का भी ध्यान रखा जाए. 👉स्त्रोत:- Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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