कृषि वार्ताTV9
तो नहीं हटेंगी सरकार द्वारा लगाई दालों की स्‍टॉक लीमिट!
🌱केंद्र सरकार की तरफ से इस बात को स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि उसने दो जुलाई से लगाई गई स्टॉक की सीमा को वापस नहीं लिया गया है. सरकार ने यह कदम दालों की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए उठाया था! 👉एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि व्हॉट्सएप पर इस तरह का मैसेज सर्कुलेट हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि दालों पर स्टॉक की सीमा हटा दी गई है. गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से दालों की बेतहाशा कीमतों की वजह से केंद्र सरकार लगातार आलोचना के घेरे में है! क्‍या कहा सरकार ने- 👉केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस बारे में हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि दो जुलाई से लगाई की स्टॉक की सीमा हटाई नहीं गई है बल्कि इसे लागू किया गया है. सरकार ने कहा कि वह राज्य सरकारों द्वारा इस आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी कर रही है! 👉दाल जैसी जरूरी वस्तुओं की ब्‍लैक मार्केटिंग और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने इसके स्‍टोरेज की सीमा तय कर दी है. दो जुलाई से ही यह नियम लागू हो गए हैं. इस नए आदेश में मूंग को छोड़कर सभी दालों के लिए 31 अक्टूबर 2021 तक स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है! क्या हैं नए सरकारी नियम? ▪️ इस आदेश के तहत सभी राज्यों के लिए मूंग को छोड़कर सभी दालों के लिए 31 अक्टूबर 2021 तक स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है! ▪️ थोक विक्रेताओं के लिए ये स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन (बशर्ते एक किस्म की दाल 100 मीट्रिक टन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए)! ▪️ खुदरा विक्रेताओं के लिए 5 मीट्रिक टन! ▪️ मिल मालिकों के लिए ये सीमा उत्पादन के अंतिम 3 महीनों या वार्षिक स्थापित क्षमता का 25 प्रतिशत, जो भी ज्यादा हो, वो होगी! ▪️ आयातकों के लिए ये स्टॉक सीमा 15 मई 2021 से पहले रखे गए या आयात किए गए स्टॉक के लिए किसी थोक व्यापारी के समान ही होगी! ▪️ 15 मई 2021 के बाद आयात किए गए स्टॉक के लिए थोक विक्रेताओं पर लागू स्टॉक सीमा, सीमा शुल्क निकासी की तारीख से ▪️ 45 दिनों के बाद लागू होगी! ▪️ अगर संस्थाओं का स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उन्हें उपभोक्ता मामलों के विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (fcainfoweb.nic.in) पर उसकी जानकारी देनी होगी! ▪️ इस आदेश की अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के अंदर निर्धारित सीमा के भीतर लाना होगा! मूल्य निगरानी केंद्र की स्थापना तेज- 👉‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है कि दालों जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रहें. मूल्य निगरानी के लिए केंद्र सरकार मूल्य निगरानी केंद्र स्थापित करने में राज्य सरकारों की सहायता करती है! 👉ऐसे मूल्य निगरानी केंद्र की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि (2014 में 57 केंद्र से 2020 में 114 केंद्र) हुई है. दरअसल, वर्ष 2021 के पहले तीन महीनों के भीतर ही, 22 और केंद्र जोड़े गए हैं. यह कदम सुनिश्चित करेगा कि देश भर से प्राप्त मूल्यों से संबंधित आंकड़े और अधिक प्रतिनिधिक हो! स्त्रोत:- TV9 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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