कृषि वार्ताTV 9 Hindi
तूफान और बेमौसम बारिश के बाद अब खेती पर मंडराया नया खतरा, कई जिलों में अलर्ट!
👉🏻 ताउते तूफान और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान से किसान अभी उबरे भी नहीं हैं कि फसलों पर दूसरा खतरा मंडराने लगा है. यह खतरा है टिड्डी दल के हमले (Locust Attack) का. टिड्डी दल देखते ही देखते फसलों को चट कर जाते हैं. गुजरात, राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक के किसान (Farmer) पिछले साल इनके हमले से हुई क्षति को भूले नहीं हैं. इसलिए वे नए हमले की आशंका से डरे हुए हैं. इसी 17 मई को युनाइटेड नेशन के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने इसके खतरे को लेकर एक एडवायजरी जारी की है. जिसमें भारत में टिड्डी दल के हमले की आशंका जताई गई है. 👉🏻 इसे लेकर राजस्थान (Rajasthan) के जैसलमेर और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के सहित कुछ जिलों में किसानों को अलर्ट किया गया है. बताया जाता है कि ताउते तूफान के असर से हुई बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ी है. इससे टिड्डियों के पनपने की संभावना है. बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिम ईरान में टिड्डियों के कुछ बैंड बने हैं. हवा अनुकूल होने पर ये पाकिस्तान की ओर बढ़ने सकते हैं. पाकिस्तान से ये भारत में भी आ सकते हैं. रेगिस्तानी टिड्डे झुंड बनाकर चलते हैं. रोजाना अपने वजन तक के फसलों को खा जाते हैं. इन राज्यों में हुआ था हमला 👉🏻 पिछले दो साल से बड़े पैमाने पर टिड्डियों का हमला हो रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में राजस्थान, गुजरात और पंजाब में इसका हमला हुआ था. जबकि 2020-21 में इससे 10 सूबे प्रभावित हुए. जिनमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं. कितना हुआ नुकसान? 👉🏻 केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2019-20 के दौरान टिड्डियों के हमले से राजस्थान में 1,79,584 एवं गुजरात में 19,313.14 हेक्टेयर फसल खराब हुई थी. जबकि, पिछले साल यानी 2020-21 के दौरान उत्तर प्रदेश में 202.9, महाराष्ट्र में 805.80, उत्तराखंड में 292.4 हेक्टेयर में फसल को नुकसान पहुंचा था. इसी तरह मध्य प्रदेश में 4400, राजस्थान में 489.72 जबकि गुजरात में 6832.20 हेक्टेयर में 10 से लेकर 33 फीसदी से अधिक तक फसल को क्षति पहुंची. पाकिस्तान की तरफ से क्यों होता है हमला? 👉🏻 टिड्डी दल के हमलों को रोकने के लिए हर वर्ष भारत-पाकिस्तान (india-pakistan) के अधिकारियों के बीच आमतौर पर 6 बैठकें होती हैं. ताकि टिड्डी दल की स्थिति से जुड़ी सूचनाओं को एक्सचेंज करके इसे रोका जा सके. भारत पर जब भी टिड्डी दल का हमला होता है वह पाकिस्तान की तरफ से होता है. 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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