सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
तिल फसल में खाद एवं उर्वरक प्रबंधन !
👉 तिल के लिए निश्चित वर्षा वाले क्षेत्रों में 20 किलोग्राम नत्रजन व 25 किलोग्राम फास्फोरस प्रति हैक्टेयर की दर से दे। 👉 नत्रजन की आधी मात्रा एवं फास्फोरस की पूरी मात्रा बुवाई के समय कतारों में ऊर कर इस प्रकार देवें कि उर्वरक बीज से 4-5 सेन्टीमीटर नीचे रहें। 👉 शेष बची हुई आधी नत्रजन बुवाई के चार से पाँच सप्ताह बाद हल्की वर्षा के समय खेत में छिड़काव करे। 👉 कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उर्वरक की मात्रा घटा दे। 👉 पोटाश का उपयोग भूमि परीक्षण के आधार पर करना चाहिए। 👉 गंधक की कमी वाली भूमि में 150 किलोग्राम जिप्सम प्रति हैक्टेयर की दर से बुवाई से पूर्व ऊर कर दे। 👉 जस्ते की कमी वाली भूमि में 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति हैक्टेयर बुवाई से पूर्व ऊर कर देना चाहिए। 👉 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। इस वीडियो में दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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