कृषि वार्तादैनिक भास्कर
ठंड और ओस से बदला पान मेथी का रंग
यूं तो ठंड का मौसम और ओस की बूंदें रबी की फसलों के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन राजस्थान में नागौरी पान मेथी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है| पान मेथी की फसल सर्द हवाओं के थपेड़े से रंग बदल रही है। दधवाड़ा सहित आस पास के दर्जनों गांवों में किसान नागौर की प्रसिद्ध पान मेथी की बुवाई करते हैं। इसकी पहली फसल धनतेरस पर ली गई। उस समय किसानों को अच्छे भाव मिले मगर इन दिनों अचानक मौसम के सर्द होने और लगातार सुबह ओस पड़ने से पान मेथी को पर्याप्त धूप नहीं मिल रही है। आपको बता दें कि नागौरी पान मेथी को आम बोलचाल की भाषा में कसूरी मेथी भी कहते हैं।
किसान प्रेमाराम सारण ने बताया कि इस बार ग्राम पंचायत दधवाड़ा क्षेत्र में नागौरी पान मेथी की बम्पर बुवाई की गई और इन दिनों लुणाई कार्य भी जोरों पर चल रहा है मगर यह फसल नमी नहीं झेल पा रही है। यह मौसम फसल के लिए नुकसानदायी है। जानकार किसानों की मानें तो पिछले साल चटख धूप से शानदार रंग के साथ पान मेथी ने आकार लिया तो भाव 90 से 125 रुपए प्रति किलो तक मिले थे। मगर इस बार किसानों को अच्छे भाव नहीं मिल रहे हैं। किसानों ने माना कि मौसम चटख रहा तो खेतों में सूख रही पान मेथी का रंग भी अच्छा आएगा और फिर दाम भी बढ़ेंगे। संदर्भ - दैनिक भास्कर, 18 दिसंबर 2018
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