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सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
टमाटर की फसल में पत्ती धब्बा रोग की रोकथाम!
👉🏻किसान भाइयों टमाटर की फसल में लगने वाले इस सेपटोरिअ पत्ती धब्बा रोग में पत्तियों की निचली सतह पर गोलाकर छोटे-छोटे जलसिक्त धब्बे बनते है जिनका रंग भूरा होता है और पीले रंग से घिरा होता है। इन धब्बों का आकार धीरे-धीरे बढ़ जाता है। उन धब्बों के बीच के भाग का रंग धूसर सा हो जाता है इस भाग पर काले बिन्दुनुमा संरचना देखी जा सकती है। इसी प्रकार के धब्बे शाखाओं एवं तनों पर भी पाये जाते है। रोग ग्रसित पत्तियाँ संक्रमण के दो से तीन हफ्ते बाद गिरने लगती है प्रभावित पौधों में फलों पर भी रोग के लक्षण देखे जा सकते हैं। फल कम और छोटे आकार के लगते हैं। इस रोग से बचाव के लिए मेंकोजेब 75% डब्ल्यूपी @ 600 से 800 ग्राम प्रति एकड़ 300 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करें। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी क्लिक ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 करें। स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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