कृषि वार्ताकृषि जागरण
टमाटर की दो हाइब्रिड किस्में तैयार की गईं
बेंगलुरू। भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर), बेंगलुरु ने टमाटर की 2 हाइब्रिड किस्में विकसित की हैं। विशेष रूप से प्रसंस्करण उद्योग के लिए तैयार किए गए हाइब्रिड टमाटर, अर्का एपेक्शा और अर्का व्यंजन रोग प्रतिरोधी हैं।
आईआईएचआर में शोधकर्ताओं की टीम का नेतृत्व करने वाले ए.टी सदाशिव के मुताबिक , ‘यह पहली बार है कि प्रसंस्करण उद्योग के लिए टमाटर की हाइब्रिड किस्म विकसित की गई है।’ सदाशिव के मुताबिक, इस किस्म से 50 टन प्रति हेक्टेयर पैदावार ली जा सकती है। अगर ड्रिप सिंचाई विधि से इसकी सिंचाई की जाती है तो इससे 100 टन प्रति हेक्टेयर तक फसल मिलने की संभावना है। मौजूदा हाइब्रिड टमाटर 40 टन प्रति हेक्टेयर की न्यूनतम उपज देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अधिक पैदावार से उत्पादकों के खेती की लागत कम होगी। इसके अलावा नई हाइब्रिड टमाटर, पत्ती के कर्ल वायरस, बैक्टीरियल विल्ट और अर्ली ब्लाइट जैसी बीमारियों के लिए प्रतिरोधी हैं जो किसानों को फसल पर छिड़काव करने की संख्या को कम करने में मदद करती है। इसमें कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीएसएस) 10 प्रतिशत अधिक है। साथ ही लाइकोपीन जो टमाटर को रंग देती है मौजूदा हाइब्रिड से लगभग 25 से 30 प्रतिशत अधिक है। स्रोत – कृषि जागरण, 28 सितंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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