कृषि वार्ताKrishiSamadhan
जाने कौन सी तहसील है सूखाग्रस्त श्रेणी में??
🌱मानसून का साथ नहीं देने के कारण देश के अलग–अलग राज्यों के जिलों में कम बारिश से सूखे के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है | राजस्थान के कुछ जिलों में सूखे से फसलों को काफी नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष गिरदावरी रिपोर्ट तैयार की है | जिसके आधार पर राज्य के जिलों की अलग-अलग तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित किया गया है | 🌱राजस्थान सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2021 को जारी अधिसूचना में राज्य के 12 जिलों की 69 तहसीलों के 744 गावों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था | परन्तु जिलों से प्राप्त गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर अब कुछ तहसीलों को इससे बहार कर दिया गया है! इन तहसीलों को रखा गया है सूखाग्रस्त श्रेणी में - 🌱राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिन तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, उनमें चूरू जिले की तारानगर तहसील, जोधपुर जिले की 10 तहसीलें जोधपुर, शेरगढ़, सेखाला, लूणी, बालेसर, बाप, फलोदी, भोपालगढ़, देचूं और आऊ शामिल हैं। बाड़मेर जिले की सबसे अधिक 16 तहसीलें गंभीर सूखाग्रस्त घोषित की गई हैं। इनमें बाड़मेर, रामसर, बायतु, गिडा, शिव, गडरारोड, गुडामालानी, धोरीमन्ना, सिणधरी, चौहटन, सेडवा, सिवाना, समदडी, पचपदरा, धनाऊ और कल्याणपुर सम्मिलित हैं। 🌱इसी तरह जालोर जिले की 9 तहसीलें जालोर, सायला, आहोर, भीनमाल, बागोड़ा, जसवंतपुरा, रानीवाड़ा, सांचौर और चितलवाना और जैसलमेर जिले की 9 तहसीलें जैसलमेर, पोकरण, फतेहगढ़, भणियाणा, उपनिवेशन जैसलमेर, उपनिवेशन रामगढ़-I, उपनिवेशन रामगढ़-II, उपनिवेशन मोहनगढ़- I, उपनिवेशन मोहनगढ़- II शामिल हैं। बीकानेर की 6 तहसीलें लूणकरणसर, नोखा, कोलायत, खाजूवाला, छत्तरगढ़ और श्रीडूंगरगढ़ को भी गम्भीर सूखा्ग्रस्त तहसीलों में शामिल किया गया है। स्त्रोत:- कृषि समाधान 👉किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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