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जानें, धान की खेती में जरुरी कर्षण क्रियाएं!
भूमि का चयन और तैयार करना:- 👉🏻धान हर प्रकार की जमीन चाहे वह रेतीली हो या चिकनी अथवा अम्लीय या क्षारीय हो, पर उगाया जा सकता है। लेकिन पानी की सुविधा आवश्यक है। धान की खेती के लिए 5-8 पीएच रेंज और 1 प्रतिशत से अधिक जैविक कार्बन युक्त सुनिकासी व्यवस्था वाली चिकनी दोमट मृदा सर्वाधिक उपयुक्त होती है। खेत में पीएच स्तर, जैविक कार्बन, सूक्ष्म पोषक तत्वों (एनपीके) और सूक्ष्मजीवों की संख्या की जांच करने के लिए वर्ष में एक बार मृदा की जांच करने की अपेक्षा होती है। 👉🏻यदि जैविक कार्बन की मात्रा 1 प्रतिशत से कम है, 25-30 टन/है0 कार्बनिक खाद का प्रयोग करें और खाद को भलीभांति मिलाने के लिए खेत की 2-3 बार अच्छी तरह जुताई करें। प्रमाणित जैविक खेतों पर प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवाह को रोकने के लिए प्रमाणित जैविक खेतों और अजैविक खेतों के बीच लगभग 25 मीटर की दूरी का पर्याप्त बफर जोन (सुरक्षा पट्टी) दी जानी चाहिए। मुख्य खेत को रोपण से 3 सप्ताह पूर्व सूखी जुताई की जाती है और 5-10 सें.मी. खडे पानी में जलमग्न किया जाता है। 10 टन जैविक खाद अथवा 10-20 टन हरा खाद मिलाने के बाद, खेत को भलीभांति समतल किया जाता है। धान के लिए भूमि तैयार करने में एक बार जुताई और एक बार गीली जुताई की जाती है। प्रतिरोपण से 3 दिन पूर्व खेत में पानी भर दिया जाना चाहिए। जैविक खादों व ढंग से उगाया गया धान न केवल पर्याप्त उपज ही देता है बल्कि इससे किसानों को ज्यादा मूल्य भी मिलता है। 👉🏻धान के ओरिजनल बीज की खरीदारी के लिए ulink://android.agrostar.in/productlist?sku_list=AGS-S-3029,AGS-S-3030,AGS-S-3050,AGS-S-4016,AGS-S-3052,AGS-S-3031,AGS-S-3040,AGS-S-3048,AGS-S-3041,AGS-S-3049,AGS-S-3044,AGS-S-3232,AGS-S-3240,AGS-S-3051&pageName=क्लिक करें! स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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