सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
जानिए, मूंगफली की खेती के लिए भूमि एवं खेत की तैयारी!
👉🏻 किसान भाइयों आज के कृषि ज्ञान में हम जानेंगे की मूंगफली की खेती के लिए भूमि कैसी उपयुक्त रहेगी एवं खेत की तैयारी कैसे करें। भूमि की किस्म 👉🏻 मूँगफली की फसल को विभिन्न प्रकार की मृदाओं में उगाया जा सकता है, परन्तु भरपूर उपज के लिए बलुई दोमट भूमि जिसमे प्रचुर मात्रा में कार्बनिक पदार्थ एवं कैल्शियम मौजूद हो, अच्छी रहती है। भूमि का पी एच मान 5.5-7.5 के मध्य होना चाहिए। ग्रीष्मकालीन मूँगफली, आलू, सब्जी तथा राई की कटाई के बाद खाली खेतों में सफलतापूर्वक की जा सकती है। उत्तम गुणवत्ता वाली मूंगफली हल्की मिट्टी में पैदा होती है क्योंकि इसमें खूँटी (पेग) आसानी से भूमि में प्रवेश कर सकते है, फलियाँ अच्छी तरह बढ़ सकती है तथा खुदाई में भी आसानी होती है। भारी चिकनी मिटटी मूंगफली की खेती के लिए अनुपयुक्त रहती है। खेत की तैयारी 👉🏻 मूँगफली के लिए खेत की तैयारी अच्छी प्रकार कर लेनी चाहियें। मूंगफली का विकास भूमि के अन्दर होने के कारण खेत की मिटटी ढीली, भुरभुरी एवं बारीक होना आवश्यक है। खेत की एक गहरी जुताई (12-15 सेमी.) तथा 2-3 जुताई देशी हल अथवा कल्टीवेटर से करके भुरभुरा बना लेना चाहिये। बहुत अधिक गहरी जुताई न करे अन्यथा फलियाँ गहराई पर बनेगी और खुदाई में कठिनाई हो सकती है। अंतिम जुताई के समय 1.5 % क्यूनालफास 25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से मिट्टी में मिला देने से दीमक और भूमिगत कीड़ों से फसल सुरक्षित रहती है। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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