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जानिए क्या होता है PAN, TAN और TIN कार्ड में अंतर!
👉हम में से अक्सर कई लोग  PAN, TAN और TIN कार्ड में कंफ्यूज हो जाते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको PAN, TAN और TIN कार्ड के बीच का अंतर बताने वाले हैं। इसके अलावा हम आगे इस बारे में भी जानेंगे कि इनका इस्तेमाल किन किन जगहों पर किया जाता है? टैक्स फाइलिंग के दौरान अक्सर ये शब्द हमारे सामने आते हैं। ऐसे में इनकी जानकारी होना काफी जरूरी है, नहीं तो व्यक्ति को भविष्य में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में - TAN (Tax Deduction and collection account Number):- 👉TAN नंबर को आयकर विभाग द्वार जारी किया जाता है। ये एक 10 अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिसका इस्तेमाल TCS और TDS को ट्रैक करने के लिये किया जाता है। TCS से अभिप्राय स्त्रोत पर एकत्रित कर से है। वहीं TDS से तात्पर्य स्त्रोत पर कटौती कर से है। TAN का उपयोग करना काफी जरूरी है। अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं करते, तो बैंक द्वारा आपके टीडीएस भुगतान को अस्वीकार किया जा सकता है। फॉर्म 49B की सहायता से आप TAN के  लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। TIN (Tax identification Number):- 👉ये 11 अंक का एक आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। इसका इस्तेमाल अंतरराज्यीय बिक्री लेनदेन के लिए किया जाता है। टिन नंबर व्यक्तिगत व्यवसाय मालिक या इकाई को दिया जाता है। 11 अंक के टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर के पहले दो अंक राज्य को दर्शाते हैं। टिन नंबर को ग्रह मंत्रालय द्वारा जरूरी कर दिया गया है।  PAN (Permanent Account Number):- 👉परमानेंट अकाउंट नंबर एक 10 अंकों का कोड होता है। इसे आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है। अक्सर नौकरीपेशा लोगों को इसकी खास जरूरत होती है। कार्डधारक द्वारा किए जा रहे लेने देने पर नजर रखने के लिए सरकार द्वारा इसको जारी किया जाता है। स्रोत:- Amar Ujala, 👉प्रिय किसान भाइयों दी गई उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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