सलाहकार लेखमध्य प्रदेश कृषि विभाग
चने में उकठा या विल्ट रोग से बचाव!
👉🏻किसान भाइयों उकठा चना की फसल का प्रमुख रोग है। उकठा के लक्षण बुआई के 30 दिन से फली लगने तक दिखाई देते है। इसके लक्षणों में पौधों का झुककर मुरझाना, विभाजित जड़ में भूरी काली धारियों का दिखाई देना। नियंत्रण विधियाँ :- 👉🏻चना की बुवाई अक्टूबर माह के अंत में या नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में करें 👉🏻गर्मी के मौसम (अप्र - मई) में खेत की गहरी जुताई करें 👉🏻उकठा रोगरोधी जातियां लगाऐं जैसे देसी चना - जे.जी. 315, जे.जी. 322, जे.जी. 74, जे.जी. 130, जाकी 9218, जे.जी. 16, जे.जी. 11, जे.जी. 63, जे.जी. 12, काबुली - जे.जी.के. 1, जे.जी.के. 2, जे.जी.के. 3 👉🏻सिंचाई दिन में न करते हुए शाम के समय करें। 👉🏻फसल को शुष्क एवं गर्मी के वातावरण से बचाने के लिए बुआई समय से करनी चाहिए। 👉🏻अप्रेल - मई में खेत को गहरा जोतकर छोड़ देने से कवक के बीजाणु कम हो जाते है। 👉🏻ट्राईकोडर्मा 2 किलो ग्राम प्रति एकड़ 20-25 किलो ग्राम पकी गोबर की खाद के साथ मिलाकर खेत में डाले। स्रोत:- मध्य प्रदेश कृषि विभाग, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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