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चने की खरीदी की सीमा बढ़ाई अब 40 क्विंटल तक बिकेगा चना!
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चने की खरीदी की सीमा बढ़ाई अब 40 क्विंटल तक बिकेगा चना!
👉🏻आज कल अधिकांश राज्यों में गेहूं, चना सहित अन्य रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का काम चल रहा है, अलग-अलग राज्यों में उपज की खरीद वहां के तय नियमों के अनुसार पर की जाती है। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को प्रमुख फसलों की खरीद के लिए लक्ष्य तय किया जाता है। उसी तय किए लक्ष्य के अनुसार राज्यों द्वारा खरीद की जाती है। ये खरीद लक्ष्य से अधिक भी हो सकती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीद के निर्धारित नियमों के अनुसार ये तय किया जाता है कि एक किसान एक दिन में कितने क्विंटल उपज बेच सकता है।इसी क्रम में मध्यप्रदेश में इस समय चने की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का काम जोर-शोर से चल रहा है। यहां एक किसान एक दिन में अधिकतम 25 क्विंटल चना ही बेच सकता था जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश के किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने बताया कि पूर्व में उपार्जन केंद्रों पर चना फसल की प्रतिदिन प्रति किसान उपार्जन सीमा मात्र 25 क्विंटल थी, जिसे अब बढ़ाकर 40 क्विंटल कर दिया गया है। 👉🏻क्यों बढ़ाई चना फसल बेचने की लिमिट - कृषि मंत्री ने कहा कि किसान अपनी ट्राली में 40 क्विंटल चना लेकर आता था लेकिन 25 क्विंटल की सीमा होने के कारण किसानों को 15 क्विंटल चना वापस ले जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने दिल्ली में हुई चर्चा में किए गए अनुरोध पर किसानों के हित में निर्णय लेते हुए सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब एक किसान एक दिन में 40 क्विंटल तक चना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेगा। इससे प्रदेश केे किसानों को लाभ होगा। 👉🏻चना खरीद की लिमिट बढऩे से किसानों को क्या होगा फायदा - चना खरीद की लिमिट बढऩे से किसानों को बार-बार मंडी नहीं आना पड़ेगा। इससे उनके समय और खर्च की बचत होगी। वे एक बार में ही अपनी उपज मंडी लाकर बेच सकेंगे। पहले 25 क्विंटल की लिमिट होने से किसानों को दो बार मंडी आना पड़ता था। वहीं ट्रोली भी आधी खाली रहती थी। जिससे उनका मंडी आने का खर्च बढ़ जाता था और समय भी बर्बाद होता था। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य कृषि मंत्री कमल पटेल ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से लिमिट को 40 क्विंटल तक बढ़ाने का आग्रह किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया। 👉🏻क्या है चने सहित अन्य रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2022-23 - ➡️चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5230 रुपए प्रति क्विंटल है। ➡️गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है। ➡️सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा। ➡️जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1635 रुपए प्रति क्विंटल है। स्रोत:- Agrostar India, 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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