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गौशाला में बना सबसे बड़ा CNG प्लांट!
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गौशाला में बना सबसे बड़ा CNG प्लांट!
👉अब तक गौशाला में गाय-भैंस के दूध और उनसे बने उत्पाद का उपयोग होता है, लेकिन अब राजस्थान के जयपुर में एक गौशाला ऐसी है जहाँ गाय के गोबर का इस्तेमाल कर CNG का उत्पाद किया जा रहा है। 👉आपको बता दें कि, हिंगोनिया गौशाला में निर्मित CNG प्लांट राजस्थान की सबसे बड़ी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस सीएनजी का ऑटोमेटिक प्लांट है, लेकिन फिलहाल के लिए इस प्लांट को शुरू करने की मंजूरी नहीं दी गई है. जैसे ही पेट्रोलियम मंत्रालय से इसे शुरू करने की मंजूरी मिलती है, इसे सार्वजनिक रूप से आरंभ कर दिया जाएगा। ऑटोमैटिक है यह प्लांट - 👉मिली जानकारी के मुताबिक, प्लांट में छोटे-बड़े 8 टैंक और 2 गैस बैलून लगे है. प्लांट में लगे टैंक में गैस के प्यूरीफिकेशन और कम्प्रेशन का काम होगा. यह भी बताया जा रहा है कि, इस गौशाला का पूरा काम ऑटोमेटिक है. इसमें एक बार कर्मचारी के द्वारा गोबर डालने पर आगे का सारी प्रक्रिया खुद पर खुद ऑटोमेटिक होती है. CNG बनने से लेकर और उसे स्टोर करने तक सभी काम ऑटोमैटिक है। 100 टन गोबर से 6000 किलो CNG का उत्पादन - 👉इस विषय में प्रबंधक हिंगोनिया गौ- पुनर्वास केंद्र रघुपति दास का कहना है कि, इस प्लांट में 100 टन गोबर से लगभग 6000 किलोग्राम तक सीएनजी का उत्पादन होगा. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि इस प्लांट को 5 एकड़ की जमीन पर बनाया गया है. जिसे तैयार करने के लिए करीब 31 करोड़ 78 लाख रूपए खर्च किए गए हैं। 👉मिली जानकारी के अनुसार, इस प्लांट में सीएनजी तैयार होने के बाद 20 टन जैविक खाद मिलेगी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्य में यह गौशाला प्लांट आत्मनिर्भर होगी. यह भी बताया जा रहा है कि, इस गौशाला से प्रति महीना लगभग 25 से 30 लाख रूपए तक आमदनी प्राप्त की जा सकती है। कब शुरू हुआ था प्लांट का काम - 👉देश की इंडियन ऑयल कंपनी ने सीएसआर फंड के तहत जयपुर के इस गौशाला प्लांट को लगाना का कार्य साल 2020 में शुरू किया था. प्लांट में बैक्टीरिया के माध्यम से सीएनजी को तैयार किया जाएगा. इसके बाद सीएनजी को सिलेंडर में भरकर बाजार में बेचा जाएगा। स्त्रोत:- Agrostar 👉किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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