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कृषि वार्ताकृषि जागरण
गेहूं की तीन रंगों की किस्में तैयार हुईं
कृषि जैव प्रौद्योगिकीविदों ने रंगीन गेहूं की कुछ किस्में विकसित की हैं, जिनमें मौजूद पोषक तत्व सेहत के लिए सामान्य गेहूं की तुलना में ज्यादा फायदेमंद हैं। पंजाब के मोहाली में स्थित नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट ने गेहूं की इन किस्मों को तैयार किया है। बैंगनी, काले और नीले रंग के किस्मों को विकसित किया गया है। फिलहाल इसकी खेती कई सौ एकड़ में पंजाब, यूपी, हरियाणा और बिहार में की गई है। खेती के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (आईसीएआर) द्वारा परीक्षण किया जा रहा है ताकि इससे होने वाले और भी फायदों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। साथ ही अगर इससे किसी भी तरह का नुकसान हो तो उसका भी पता लगाया जा सके।
एनएबीआई ने जापान से जानकारी मिलने के बाद 2011 से इसपर कार्य शुरू किया था। कई सीजन तक प्रयोग करने के बाद इसमें सफलता मिली है। रंगीन गेहूं से आपको एंथोक्यानिन की जरूरी मात्रा मिल सकती है। एंथोक्यानिन एक एंटीऑक्सिडेंट है और इसको खाने से ह्रदय रोगों, मधुमेह और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद मिलेगी। हालांकि रंगीन गेहूं की प्रति एकड़ पैदावार 17 से 20 क्विंटल है। स्रोत – कृषि जागरण, 21 नवंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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