फूलों की खेतीBhaskar
गेंदे के फूल से बढ़ेगी मिट्‌टी की क्षमता और कमाई भी!
👉🏻किसान भाइयों गेंदा फूल की खेती पारम्परिक खेती की तुलना में कई गुणा लाभ किसानों को दे सकती है। गेंदा फूल न सिर्फ कम खर्च में अच्छा लाभ देता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। जिससे किसानों को गेंदा फूल का दोहरा फायदा मिलता है। सीईवी घरौंडा के फ्लोरिकल्चर विशेषज्ञों के अनुसार गेंदा फूल की खेती सर्दी, गर्मी और बरसात के सीजन में की जाती है। गेंदा फूल की खेती कोई भी किसान कर सकता है। अगर किसान हाईब्रिड किस्म के बीजों को लगाता है तो उसे करीब 30 से 35 हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च आता है। यदि किसान अपने खेत में गेंदा फूल लगाता है तो वह साल में तीन बार फूलों की पैदावार ले सकता है। इसके अलावा गेंदा फूल की मांग लोकल मार्केट में होने से किसानों को ज्यादा दौड़ धूप करने की भी जरूरत नही होती। गर्मी, सर्दी और बरसात के सीजन में की जा सकती है खेती:- 👉🏻पुष्प विशेषज्ञ संजय पुंडीर के अनुसार गेंदा फूल की खेती सीजन के हिसाब से की जाती है। गर्मी के सीजन में जनवरी में फूल लगाए जाते हंै। जिनका नवरात्र के दिनों में पूजा पाठ में खूब इस्तेमाल होता है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है। इसके बाद अप्रैल मई और फिर सर्दी शुरू होने से पहले अगस्त-सितंबर में फूलों की बिजाई की जाती है। विशेषज्ञों की मानंे तो गेंदे की जड़ों से एक कैमिकल निकलता है, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति का बढ़ाता है। जहां खेतों में उत्पादन कम दिखाई दें, उन किसानों के लिए गेंदा फूल एक अच्छा विकल्प है। सीजन में गेंदे की कीमत 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाती है। अगर किसान आधा एकड़ में भी गेंदे की खेती करता है तो एक सप्ताह में एक क्विंटल से लेकर डेढ़ किवंटल तक फूल प्राप्त कर सकते हैं। फसल उगाने से पूर्व विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें किसान:- 👉🏻गेंदा फूल की खेती को किसान ओपन और पॉली हाउस दोनों ही जगहों में ले सकता है। गेंदा फूल कई वेरायटियों में लगाया जा सकता है। जिसका अच्छा भाव किसानों को मार्केट में मिल जाता है। खेती फूलों की हो या फिर सब्जियों की, किसान ओपन फील्ड में खेती कर रहा हो या फिर पॉली हाउस में। किसी भी क्रॉप को लगाने से पूर्व विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले लें। -आरएस पूनिया, प्रोजेक्ट ऑफिसर, सीईवी घरौंडा। गुथा हुआ फूल देता है ज्यादा लाभ:- 👉🏻फूल विशेषज्ञ डॉ. संजय पुंडीर ने बताया कि मार्केट में औसतन छोटे आकार के फूलों की मांग होती है जो आम बीज से प्राप्त किए जा सकते हंै। फूलों का प्रयोग पूजा पाठ व माला बनाने में किया जाता है। अगर आम किस्म का प्रयोग करता है तो इससे भी कम खर्च आता है। प्लांटेशन के 45 दिन बाद पौधा फूल देने लगता है। 👉🏻खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- Bhaskar, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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