फूलों की खेतीBhaskar
गुड़हल की खेती करके किसान कर सकते हैं अच्छी कमाई!
👉🏻भारतीय इतिहास की अगर बात की जाए तो हमारी चिकित्सा पद्धति बहुत ही विशाल हुआ करती थी आैर आज भी है। समय के साथ-साथ हालांकि कुदरती इलाज का रुझान कम हो गया है। अगर इतिहास की बात करें तो उस समय आयुर्वैद का बहुत महत्व हुआ करता था। लोग आयुर्वैदिक दवाओं का प्रयोग करके अपने स्वास्थ का पूरा ध्यान रखते थे। आज हमारी जीवन शैली में बहुत ज्यादा बदलाव आ गया है। हमारे खान-पान में आए बदलाव के कारण ही हमारे स्वास्थ पर इसका विपरीत असर देखने को मिल रहा है। हमारा स्वास्थ दिन-प्रतिदिन खराब हो रहा है। इसलिए आज हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से पीड़ित दिखाई दे रहा है। अभी यह पौधा कहीं-कहीं ही देखने को मिलता है। इस पौधे को उगाकर किसान जहां खुद बीमारियों से मुक्त रह सकते हैं वहीं इसके फूल बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। 👉🏻दोमट मिट्‌टी उत्तम...गुड़हल के पौधे लगाने के लिए दोमट मिट्टी को उत्तम माना गया है। इसको चिकनी मिट्टी के साथ-साथ लाल मिट्टी में भी लगाया जा सकता है। इसमें भी इसकी पैदावार तेजी से होती है। अगर इसको लाल मिट्टी में लगाया जाए तो इसके फूल बहुत ही अच्छे होते हैं। इसके अलावा इसके किसी तरह की मिट्‌टी में भी लगाया जा सकता है। गुड़हल की किस्में:- 👉🏻देशी गुड़हल के अलावा इसकी कई किस्में होती है। देशी गुड़हल, बेंगलुरु गुड़हल,कोलकाता गुड़हल, इंग्लिश गुड़हल,अमरीकन गुड़हल नाम की कई किस्में देखने को मिलती हैं। गोबर की खाद से अच्छे फूल देता है गुड़हल का पेड़:- 👉🏻गुड़हल को लगाने के बाद इसमें आर्गेनिक खाद का प्रयोग करना चाहिए। इससे गुड़हल का पेड़ तेजी से फैलता है और इसके साथ ही इसमें फूल भी अच्छे लगते हैं। इमसें गोबर खाद का अगर प्रयोग समय-समय पर किया जाए तो यह पौधा जल्द ही विशाल पेड़ का रूप ले लेता है। इसमें गोबर खाद डालने के लिए कम से कम 12 से 15 दिन का अंतर होना बहुत ही जरूरी है। अगर इसको धूप मिलती रहे तो इसका विकास बढ़िया तरीके से होता है। केले के छिलके से बनाया गया फर्टीलाइजर गुड़हल के वृक्ष के लिए अगर इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत ही बढ़िया रहता है। इसका प्रयोग अगर महीने में दो बार कर दिया जाए तो इसमें बहुत जल्दी फूल आने लगते हैं। गुड़हल के फायदे:- 👉🏻फूलों का शरबत बनाने से बॉडी टेंपरेचर सामान्य रहता है। और लू लगने पर भी फायदा देता है। मुंह के छाले भी ठीक करता है। 👉🏻फूलों की चाय बनाकर पीने से सर्दी-जुकाम, बुखार में फायदेमंद है। 👉🏻पत्तों को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर सेवन करने से पित्ते की पत्थरी से छुटकारा मिलता है। इसके इस्तेमाल से ऊर्जा मिलती है और खून भी साफ होता है। 👉🏻फूलों का पेस्ट सिर पर लगाने से गंजापन दूर होता है और बाल रेशमी दिखते हैं। 👉🏻गुड़हल की पत्तियों की चाय पीने से कोलेस्ट्रोल, डायबिटीज, गले की इंफेक्शन भी ठीक होती है। 👉🏻गुड़हल की पत्तियों को पीसकर उसमें शहद मिलाकर मुंह पर लगाने से कील मुहासे ठीक होते हैं। 👉🏻फूलों का पाउडर दूध के साथ लेने से अनीमिया की समस्या दूर होती है। स्रोत:- Bhakar, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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