गंगा किनारे होगी अनोखी शुरुआत!
कृषि वार्ताAgrostar
गंगा किनारे होगी अनोखी शुरुआत!
👉उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से हो रहे खतरे को देखते हुए अब समय की मांग है कि गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर जोर दिया जाए.यूपी के मुख्य मंत्री अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे पर रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘सुफलाम’ के दूसरे दिन किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ”जलवायु परिवर्तन की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान धरती और जल का ही हुआ है. धरती माता के साथ खिलवाड़ गलत है. जो हर हाल में बंद होना चाहिए। 👉यूपी के मुख्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि इसके लिए यह जरूरी है कि रसायन युक्त खेती की जगह गौ आधारित प्राकृतिक खेती की जाए.” मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे के जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा; इसके लिए प्राकृतिक परिषद का गठन किया गया है. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ” खुद के विकास के लिए लोग पर्यावरण को जहरीला बनाते जा रहे हैं. जीवन का अस्तित्व पांच तत्वों क्षितिज, जल, पावक, गगन, समीर से ही है और इसे अब बचाने की जरूरत है। 👉गौ माता की रक्षा नहीं करेंगे तो तमाम समस्याएं प्रकट होती रहेंगी:- उन्होंने कहा कि भारत में 12 स्थानों पर सुफलाम का सफल आयोजन हो चुका है. वर्तमान समय में प्रधानमंत्री भी पंच भूतों के संरक्षण हेतु भारत अथवा दुनिया के हर राजनीतिक मंच पर भारतीय ज्ञान को रख रहे हैं. तोमर ने कहा कि भूमि को माता कहा गया है, क्योंकि वो सबकी पोषक हैं, दूसरी हमारी गौ माता है. यदि हम भू-माता और गौ माता की रक्षा नहीं करेंगे तो तमाम समस्याएं प्रकट होती रहेंगी। 👉स्त्रोत:- Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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