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खीरे की फसल में चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए!
सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
खीरे की फसल में चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए!
👉किसान भाइयों खीरे की फसल में कई प्रकार के चूसक कीटों जैसे माहू, हरा तेला, सफ़ेद मक्खी आदि का प्रकोप हो जाता है। जिसके कारण पत्तियां सिकुड़ जाती हैं। पौधों का पूरी तरह से विकास नहीं होता तथा पुष्पन एवं फलन की क्रिया भी बाधित होती है। इन चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए आप पूरी तरह से जैविक विधि को अपना सकते हैं। इसके लिए 16 पीले चिचिपे स्टीकर प्रति एकड़ फसल की ऊंचाई से 10 से 15 सेमी० ऊपर लगाना चाहिये। 👉माहू, हरा तेला कीट के रासायनिक नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 70% डब्ल्यू जी @ 14 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करें। 👉सम्बंधित उत्पाद- बैरिक्स पीला चिपचिपा स्टीकर , मेन्टो (इमिडाक्लोप्रिड 70%) - स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 👉प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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