कृषि वार्ताजागरण
खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए राहतभरी खबर!
👉🏻उत्तर प्रदेश : जेएनएन, मुजफ्फरनगर। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए राहतभरी खबर है। जिले में तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी की रैक लगी है, जिसे जल्द ही समितियों पर पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही जिले में यूरिया की उपलब्धता बढ़कर सात हजार मीट्रिक टन हो गई। इससे किसानों को क्रय केंद्रों से खाद आसानी से मिल सकेगी। साथ ही समय से उर्वरक मिलने से किसानों की फसल अच्छी हो सकेगी। 👉🏻काफी दिनों से जिले में डीएपी, एनपीके और यूरिया की किल्लत थी। किसान सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे थे। किसानों को प्राइवेट से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। शनिवार को जिले में तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी की रैक लगी है, जिसे सहकारी समितियों पर भेजना शुरू कर दिया है। 👉🏻एआर कोआपरेटिव योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जिले में अब खाद की कोई किल्लत नहीं है। डीएपी की खेप आ गई है, जबकि यूरिया की उपलब्धता भी बढ़कर सात हजार मीट्रिक टन हो गई है। इसके साथ ही एनपीके 4400 मीट्रिक टन है। ऐसे में किसानों से अपील है कि जरूरत के आधार पर ही खाद लें। खाद को जमा न करें। बरसात के दिनों में घरों में रखने से यह खराब हो जाएगी। डीएपी किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरे के आधार पर दी जाएगी। यदि कोई विक्रेता इससे अधिक धनराशि वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में केंद्र सरकार ने डीएपी पर सब्सिडी बढ़ाई है, जिसके चलते दाम 1200 रुपये प्रति बोरा तय हुआ है। 👉🏻खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- जागरण, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
5
4
अन्य लेख