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कृषि वार्ताएग्रोवन
खाद्य तेल के आयात शुल्क में कटौती नहीं होनी चाहिए
नई दिल्ली: दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के अनुसार, 1 जनवरी से रिफाइंड पाम तेल आयात पर शुल्क 50 फीसदी से घटाकर 45 फीसदी और कच्चे पाम तेल पर शुल्क 40 फीसदी से 37.5 फीसदी किया जाएगा। हालांकि, केंद्र सरकार को महँगाई दर को कम करने के लिए खाद्य तेल पर आयात शुल्क को कम नहीं करना चाहिए। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मांग की है कि शुल्क से मिलने वाला अतिरिक्त निधि का इस्तेमाल तिलहन विकास निधि के लिए किया जाए।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा पामतेल का एक आयात करने वाला देश है। भारत प्रतिवर्ष 90 लाख टन खाद्य तेल आयात का लगभग 62 प्रतिशत आयात करता है। देश में कुल खाद्य तेल आयातों में से, आयात ७ हजार कोटि रुपये की होती है। स्रोत - एग्रोवन, 25 दिसंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगती है, तो फोटो के नीचे पीले अँगूठे के आइकन पर क्लिक करें और नीचे दिए गए विकल्प के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें!
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