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खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी!
कृषि वार्ताAgrostar
खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी!
👉महंगाई की मार झेल रहे देश के किसानों को जल्द ही राहत मिलने वाली है. किसानों के लिए सरकार एक खुशखबरी लेकर आ रही है, जिसके तहत अब किसानों को अपनी फसलों के और अच्छे दाम मिलेंगे. खबरों के मुताबिक, वर्ष 2022-23 में की खरीफ फसलों के लिए सरकार एएमएसपी बढ़ाने का एलान जल्द कर सकती है. केंद्र सरकार इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य में 5 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है. कृषि में बढ़ती लागत और कृषि उपकरणो के दाम बढ़ने के कारण सरकार ने इस फैसले पर विचार कर रही है. सरकार के इस फैसले से किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है 👉साल 2018-19 के बाद सबसे अधिक उत्पादन पर आ रही लागत को देखते हुए 50 फीसदी लाभ की एक नई नीति बनाई गई थी. इस नीति के कारण खरीफ फसलों के लिए एमएसपी को 4.1 से लेकर 28.1 फीसदी तक बढ़ाया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएसपी पर पिछले तीन वर्षों मोटे तौर पर एक से पांच फीसदी तक बढ़ोतरी की गई थी. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोयाबीन के साथ-साथ मूंगफली और तिलहन के लिए कृषि लागत और मूल्य आयोग ने इस साल एमएसपी में सबसे अधिक बढ़ोतरी की सिफारिश की है. इसके अलावा दलहनी फसलों में अरहर और मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी हो सकती है. सरकार का मानना है कि अन्य तिलहनों के उच्च घरेलू उत्पादन से ताड़ के तेल (पाम ऑयल) के आयात को कम करने में मदद मिलेगी. 👉MSP में बढ़ोतरी से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने से ग्रामीण इलाकों में किसानों की आय बढ़ेगी, जिससे उनकी खरीद क्षमता में बढ़ोतरी होगी. किसानो को फसलों पर दी जाने वाली एमएसपी में किसानों द्वारा उपज पर खर्च होने वाली पूरी लागत शामिल होगी. इसमें खाद, बीज, कीटनाशक खरीदने का खर्च, ईंधन पर खर्च, लीज पर लिए गए जमीन की लागत और श्रम का खर्च शामिल होगा. 👉मोटे अनाज, दलहन व तिलहन की दिया जाएगा बढ़ावा- मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए ज्वार, बाजरा और रागी पर धान से अधिक एमएसपी किसानों को दी जा सकती है. इसके अलावा दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए इनपर भी एमएसपी को बढ़ाया जाएगा. साथ ही इस बार कपास किसानों को बढ़ी हुई एमएसपी का तोहफा मिल सकता है. फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए और कृषि में पानी के इस्तेमाल को कम करने के लिए सरकार यह फैसला कर सकती है. इस खबर को अपनी खेती के स्टाफ द्वारा सम्पादित नहीं किया गया है एवं यह खबर अलग-अलग फीड में से प्रकाशित की गयी है। स्त्रोत:- Agrostar, 👉किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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