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खरीफ की पूर्व तैयारी
१) खरीफ के पूर्व तैयारी शुरू करें- पूर्व सीजन की बारिश और आगामी मानसून के आगमन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह बहुत जरूरी है कि खरीफ की पूर्व तैयारी करने की आवश्यकता है। इस साल के समय पर मानसून के आगमन ध्यान में रखते हुए, जमीन कि जुताई करके खेत को गरम होने दे। यदि गोबर खाद को खेत में डालना है , तो गोबर खाद को खेत में फैलाकर हैरो चलाना चाहिए पहले की फसल के अवशेषों को निकाल कर जमीन को साफ करें। बीज और उर्वरकों को इकठ्ठा करें। २) मिट्टी और मौसम के प्रकार को ध्यान में रखते हुए, खरीफ सीजन में फसल विधि का निर्णय करें। इस वर्ष, औसत मानसून वर्षा की संभावना दी गई है। इसी तरह, जून के महीने में अच्छी बारिश की संभावना भी है, इसलिए, यह आवश्यक है कि सोयाबीन, मूंग, मोठ, उड़द और लोबिया जैसे फसलों की समय पर बुवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, चावल के अंकुरित पौधों के लिए नर्सरी की तैयारी शुरू करें।
३) बागवानी की खेती के लिए तैयारी करें। रोपण के लिए अंकुरित पौधेे सीताफल, पेरू, नारियल, आम, अनार, केला आदि के लिए गड्ढे तैयार करना शुरू करें। फलों के पेड़ों के आकार के अनुसार, गड्ढे का आकार छोटा या बड़ा होता है, और इसलिए गड्ढ़ों के बीच का अंतर बदलना पड़ता है। रोपाई किए जाने वाले फल पेड़ों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। रोपाई के दौरान, गड्ढों को भरने के लिए गोबर खाद और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती हैं। ४) मानसून से पहले, खेत के पशुओं को टीकाकरण किया जाना चाहिए। यदि पशुओं को लिवर फ्लू, डिप्थीरिया, ब्लैक लेग के लिए टीका लगाया जाता है, तो पशु इन बीमारियों से प्रभावित नहीं होते हैं। इस उद्देश्य के लिए, पशु चिकित्सा अधिकारियों की सलाह लिजिए, और पशुओंको कीड़े के लिए दवा दिजिए। पशुओं का ख्याल रखें। बारिश के मौसम में पशुओं को मैला पानी पीने के नहीं देना चाहिए। डॉ. रामचंद्र साबले कृषि मौसम विशेषज्ञ
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