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खजूर की खेती से बने लखपत्ती
👉 देश के प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दुगनी करने में लगे हैं. केन्द्र सरकार के इन प्रयासों के बीच राजस्थान के रेगिस्तान में किसानों को एक नई सौगात मिली है. रेगिस्तान में लगे खजूर के पेड़ अब किसानों को मालामाल कर रहे हैं. 👉 केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुशंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बताया कि वह दिन दूर नहीं जब खजूर से रेगिस्तान के किसानों की आय चार से पांच गुना बढ़ जाएगी.कच्छ क्षेत्र को खजूर का हब माना जाता है 👉 दरसअल गुजरात के कच्छ क्षेत्र को खजूर का हब माना जाता है. लेकिन 2014 में जोधपुर के काजरी संस्थान ने गुजरात से 150 पौधे लाकर अपने यहां लगाये थे. गुजरात की आंणद यूनिवर्सिटी और बीकानेर शुष्क बागवानी संस्थान के साथ मिलकर काजरी टिश्यू कल्चर की तकनीक से खजूर का उत्पादन शुरू किया. चार साल की मेहनत से काजरी में इन पेड़ों पर खजूर के बड़े बडे गुच्छे लटक रहे हैं. किसान इससे लाखों रुपए कमा रहे हैं 👉 काजरी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अखत सिंह बताते हैं कि पश्चिमी राजस्थान में किसान पहले बाजरी, मूंगफली और जीरा जैसी कुछ ही किस्म की खेती किया करते थे. लेकिन काजरी की ओर से किसानों को खजूर की तकनीक देने के बाद अब किसान इससे लाखों रुपए कमा रहे हैं. डॉ. अखत सिंह के अनुसार एडीपी-1 से भरपूर उत्पादन हुआ है लेकिन सीरियन वैरायटी से अभी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं. देशभर में मशहूर हो रहे हैं खजूर 👉 मारवाड़ के जोधपुर की जलवायु में इस किस्म ने कमाल कर दिया है. काजरी के बेर के बाद काजरी की खजूर भी देशभर में मशहूर होते जा रहे हैं. यह काजरी की दूसरी बड़ी सफलता है. 👉 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- News 18, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। इस वीडियो में दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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