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केंद्र सरकार ने 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाई गन्ने की कीमत!
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केंद्र सरकार ने 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाई गन्ने की कीमत!
🌾नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप का एग्रोस्टार के कृषि लेख में किसान भाइयों,प्रधान मंत्री मोदी की अध्यक्षता में सीसीईए ने चीनी मार्केटिंग वर्ष 2022-23 के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य को '10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति दर के लिए 305 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी.' मार्केटिंग वर्ष 2022-23 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत 162 रुपए प्रति क्विंटल है. 🌾सरकार ने बुधवार को अक्टूबर से शुरू होने वाले मार्केटिंग ईयर 2022-23 के लिए गन्ना उत्पादकों को चीनी मिलों द्वारा दिए जाने वाले न्यूनतम मूल्य को 15 रुपए बढ़ाकर 305 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है. इस निर्णय से लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत लगभग पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा. एक सरकारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने चीनी मार्केटिंग वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को ‘10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति दर के लिए 305 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी है.’ मार्केटिंग वर्ष 2022-23 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत 162 रुपए प्रति क्विंटल है. 🌾वित्तीय सहायता से चीनी मिलों में हुआ सुधार:- खाद्य मंत्रालय ने कहा, ‘चीनी के निर्यात को सुविधाजनक बनाने, बफर स्टॉक बनाए रखने, एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसानों की बकाया राशि के निपटान के लिए चीनी मिलों को 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई है.’ एथनॉल के उत्पादन के लिए अधिशेष चीनी का उपयोग करने से चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ और वे अब गन्ना बकाया जल्दी चुकाने में सक्षम हैं. 🌾हाल में, भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने कहा था कि भारत का चीनी उत्पादन अक्टूबर से शुरू होने वाले मार्केटिंग वर्ष 2022-23 में एथनॉल निर्माण के लिए गन्ने का इस्तेमाल करने के कारण घटकर 355 लाख टन रह सकता है. इस्मा के अनुसार, वर्ष 2022-23 में चीनी का उत्पादन 355 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि सितंबर को समाप्त होने वाले मौजूदा मार्केटिंग वर्ष में यह उत्पादन 360 लाख टन था. 🌾चीनी उत्पादन 400 लाख टन रहने का अनुमान:- एथनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल की मात्रा को अलग करने से पहले वर्ष 2022-23 में शुद्ध चीनी उत्पादन अधिक यानी 399.97 लाख टन होने का अनुमान है, जो मौजूदा विपणन वर्ष 2021-22 में 394 लाख टन था. मौजूदा वर्ष 2021-22 में, 1,15,196 करोड़ रुपए के गन्ना बकाया में से, एक अगस्त तक किसानों को लगभग 1,05,322 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. 🌾सरकार ने कहा कि भारत ने चालू चीनी विपणन वर्ष में चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है. वर्ष 2017-18, वर्ष 2018-19, वर्ष 2019-20 और वर्ष 2020-21 के पिछले चार सत्रों में क्रमशः लगभग छह लाख टन, 38 लाख टन, 59.60 लाख टन और 70 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया है. बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा चीनी सत्र 2021-22 में एक अगस्त, 2022 तक लगभग 100 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया है और निर्यात 112 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है.’ 🌾स्रोत:- Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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