कृषि वार्ताAgrostar
कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात पर सब्सिडी।
👉🏻किसानों को उद्यमी बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए तथा कृषि के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट लाने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा एक उत्पाद एक जिला योजना चलाई जा रही है । इसके तहत किसान जो कृषि के क्षेत्र में प्रसंस्करण उद्योग लगाना चाहते हैं उन किसानों को सरकार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस आर्थिक सहायता में राज्य तथा केंद्र सरकार दोनों के द्वारा अनुदान दिया जाता है।
👉🏻योजना को लेकर राजस्थान सरकार ने एक अधिसूचना कर राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति–2019 में लोकहित में संशोधन करते हुए प्रावधान शामिल किए हैं। अब कृषि उत्पाद प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए वर्ष 2023–24 तक अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान वर्ष 2019 प्रसंस्करण नीति के तहत दिया जाएगा।
👉🏻इसके बावजूद भी अगर उत्पादन प्रसंस्करण उद्योग अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पता है तो उसे आगे जारी रखा जाएगा। अनुदान के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 23 फरवरी 2022 के बाद आयोजित सभी डीएलएससी एवं एसएलएससी में स्वीकृत होने वाली सभी परियोजनाओं पर यह प्रावधान लागू होगा।
योजना के तहत कितना अनुदान दिया जाएगा ?
👉🏻राज्य सरकार के द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022–23 के बजट में घोषित राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन के तहत स्थापित होने वाली प्रथम 100 मिलेट्स प्रसंस्करण इकाईयों को पात्र परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 40 लाख रूपये प्रति इकाई अनुदान दिया जाएगा। लेकिन ऐसी परियोजना जिनमें 40 लाख रूपये की अधिकतम सीमा से अधिक देय है। उनमें निर्धारित अनुदान दर 25 प्रतिशत पर अनुदान देय होगा।
👉🏻इसी प्रकार सभी श्रेणी (कृषक, उनके संगठन एवं इनके अतिरिक्त अन्य पात्र व्यक्ति) के आवेदकों को बजट 2022–23 में घोषित राजस्थान प्रसंस्करण मिशन के तहत स्थापित होने वाली खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए अनुदान 50 प्रतिशत अधिकतम एक करोड़ रूपये तक देय होगा। जोधपुर संभाग में जीरा व ईसबगोल के निर्यात आधारित प्रथम दस प्रसंस्करण इकाइयों को पूंजीगत अनुदान लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2 करोड़ रूपये का अनुदान देय होगा।
ज़िलेवार यह उद्योग लगाने पर दिया जाएगा अनुदान -
👉🏻किसानों को कृषि उत्पाद प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। यह सब्सिडी योजना के अनुसार जिलों में सरकार के द्वारा तय उद्योग लगाने पर ही दी जाएगी| इसके लिए सरकार ने जिलों के अनुसार प्रसंस्करण उद्योग का नाम जारी कर दिए हैं जो इस प्रकार है :-
लहसुन – प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, कोटा, बारां
अनार – बाड़मेर एवं जालोर
संतरे – झालावाड एवं भीलवाड़ा
टमाटर – और आंवले – जयपुर
सरसों – अलवर, भरतपुर, धौलपुर
करौली तथा सवाई – माधोपुर जीरा और
ईसबगोल – जोधपुर संभाग
स्त्रोत:- Agrostar
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