कृषि वार्ताkrishi jagran
कृषि यंत्रो 🚜पर सब्सिडी के लिए रजिस्ट्रेशन जारी,जल्दी करें आवेदन!
🚜आज के समय की कृषि व्यवस्था की बात करें, तो उसमें कई सारे बदलाव देखे गए हैं. कृषि व्यवस्था खुद को अलग पहचान दिलाने की राह पर निकल चुका है. ऐसे में खेती और बागवानी के लिए कृषि यंत्र अपनी अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है।
🚜कृषि यंत्रों की सहायता से काम जल्द पूरा हो जाता है,वहीं श्रम और पैसे की भी बचत होती है।
राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर किसानों को कृषि यंत्र खरीदने के लिए सब्सिडी प्रदान करती हैं, ताकि किसानों को सस्ते कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकें. इसी क्रम में हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देने का लक्ष्य जारी किया है. कृषि यंत्र खरीदने के लिए इच्छुक किसान इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
🚜अनुसूचित जाति एवं जनजाति क लिए तैयार किया लक्ष्य:-
बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए ये लक्ष्य जारी किया गया है. मध्यप्रदेश सरकार की ओर से राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए आवेदन हेतु जो यंत्र उपलब्ध हैं, उनकी सूची कुछ इस प्रकार हैं-
स्वचालित रीपर / रीपर (ट्रेक्टर चलित) (केवल कृषक वर्ग अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु)
मल्टीक्रॉप थ्रेशर/एक्सियल फ्लो पैडी थ्रेशर (केवल कृषक वर्ग अनुसूचित जनजाति हेतु)
रीपर कम बाइंडर (केवल कृषक वर्ग अनुसूचित जनजाति हेतु)
🚜कृषि यंत्रों पर मिलेगा सब्सिडी :-
इस योजना के तहत चयनित लाभार्थी को लागत की 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है. सब्सिडी के लिए विभाग ने नियम तय कर दिए गए हैं. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सभी वर्ग की महिला किसानों को योजना के तहत लागत का 50 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है. कस्टम हायरिंग के लिए अधिकतम 12.50 लाख रूपये की सब्सिडी दी जाएगी।
🚜आवेदन के साथ जमा करनी होगी धरोहर राशि :-
आमतौर पर देखने में आया है कि कई बार कुछ किसान कृषि यंत्रों के लिए आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन लॉटरी में चयनित होने पर उसकी खरीदी नहीं कर पाते हैं. इससे वे किसान जिन्हें इन यंत्रों की अधिक आवश्यकता होती हैं वो योजना के लाभ से वंचित रह जाते है. इसको रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रों पर धरोहर राशि जमा कराना अनिवार्य कर दिया है. इस बार राज्य सरकार ने सभी कृषि यंत्रों के लिए टोकन मनी अनिवार्य कर दिया है. इसके योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को 2.5 लाख तक के कृषि यंत्रों के लिए 2500 रुपये तथा 2.5 लाख से ज्यादा के कृषि यंत्र / कस्टम हायरिंग के लिए 5,000 रुपया का टोकन मनी ड्राफ्ट के रूप में जमा करना होगा।
स्त्रोत:- कृषि जागरण,
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