कृषि वार्ताकिसान समाधान
कृषि पम्प कनेक्शन पर भारी छूट: देना होगा मात्र इतने रुपये!
कृषि पम्प कनेक्शन की दरें:- 👉फसलों की लागत बिजली की दरों पर भी निर्भर करती है, अधिक बिजली दरों से जहाँ फसल उत्पादन की लागत बढ़ती है वहीँ कम बिजली दरों से लागत में कमी आती है | किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए स्थाई एवं अस्थाई कनेक्शन लेते हैं ताकि वे फसलों की सिंचाई समय पर कर सकें | मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि पम्पों एवं घरेलु उपभोक्ताओं को बिजली दरों में राहत देते हुए सब्सिडी देने का फैसला लिया है | मध्यप्रदेश के मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत दरो में 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक की सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। 👉मंत्रि-परिषद ने कृषि उपभोक्ता श्रेणी की विद्युत दरों में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। 10 हॉर्सपावर तक की क्षमता के मीटर रहित स्थायी कृषि पम्प उपभोक्ता को 750 रूपये प्रति हॉर्सपावर प्रति वर्ष की फ्लैट दर से देना होगा। शेष राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा वितरण कम्पनियों को 9876 करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 21 लाख 75 हजार कृषि पम्प उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। 10 हार्स पॉवर से अधिक वाले कृषि पम्प कनेक्शन के लिए देने होंगे इतने रुपये:- 👉राज्य में 10 हॉर्सपावर से अधिक की क्षमता के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप उपभोक्ता से 1500 रूपये प्रति हॉर्सपावर प्रति वर्ष की फ़्लैट दर से देना होगा। शेष राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जाएगी। इसके लिये 644 करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे प्रदेश के लगभग 50 हजार कृषि पंप उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। 👉मीटर युक्त स्थाई और अस्थाई कृषि पंप संयोजनों पर ऊर्जा प्रभार, ईंधन प्रभार एवं नियत प्रभार में छूट दी जायेगी। छूट राशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में कंपनियों को वितरण किया जाएगा। इसके लिये 350 करोड़ रूपये की राशि देय होगी एवं इससे लगभग 2 लाख अस्थायी एवं 20 हजार मीटरयुक्त स्थाई कृषि पंप उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। 👉घरेलु बिजली कनेक्शन के लिए दी जाएगी सब्सिडी राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं के लिये लागू योजना में 150 यूनिट तक की मासिक खपत पर प्रथम 100 यूनिट तक अधिकतम 100 रुपये का देयक दिए जाने और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बी.पी.एल. घरेलू उपभोक्ता, जिनकी मासिक खपत 30 यूनिट है, से मात्र 25 रूपये प्रति माह के मान से 4 माह में 100 रूपये लिए जाने का प्रावधान इस वर्ष भी निरंतर रखा गया है। गृह ज्योति योजना में 4981 करोड़ 69 लाख रूपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है। स्रोत:- Kisan Samadhan, 👉प्रिय किसान भाइयों दी गई उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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