कृषि वार्ताTV 9 Hindi
कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव, तेजी से बढ़ रहा बुवाई के समय ही उत्पादों की कीमत तय कर खेती करने का चलन !
👉 भविष्य में कृषि जिंसों में वायदा एवं विकल्प (डेरिवेटिव्ज) व्यापार के बढ़ने को लेकर आश्वस्त अधिकारियों ने कहा कि बड़े पैमाने पर किसान बुवाई के समय ही खेती की लागत के हिसाब से फसल की कीमत पहले से तय करने के ‘विकल्प कारोबार’ के फायदों को समझने लगे हैं. 👉 एक अधिकारी ने कहा कि एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) के लिए एक विशेष ‘विकल्प परिचय कार्यक्रम’ में भी किसानों को मूल्य जोखिम से निपटने और अपनी फसलों की उपज बढ़ाने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की तकनीक सीखने में मदद मिली है. उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम की सफलता उन्हें अन्य कृषि जिंसों में भी इसी तरह के अनुबंधों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी.’ 👉 यह कार्यक्रम नवंबर 2020 में जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स द्वारा शुरू किया गया था, जिसमें एनसीडीईएक्स के सदस्यों के साथ ग्राहकों के रूप में पंजीकृत एफपीओ दो वस्तुओं- चना और सरसों दाना में ‘पुट ऑप्शन’ तथा दोनों जिंसों में मूल्य लॉक-इन के लिए पात्र थे. 2000 टन सरसों दाना के लिए दाम लॉक-इन 👉 एक अधिकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में 40 से अधिक एफपीओ ने भाग लिया और किसानों की ओर से 1,030 टन चना और 1,980 टन सरसों दाना की बिक्री के लिए दाम लॉक-इन किए. कार्यक्रम के तहत 80 लाख रुपए से अधिक के ‘पुट ऑप्शंस’ खरीदने की प्रीमियम लागत पर सब्सिडी दी गई. 👉 ‘पुट ऑप्शन’ के माध्यम से मूल्य संरक्षण ने एफपीओ को उचित लागत पर वित्तपोषण प्राप्त करने लायक बनाया क्योंकि इसमें बैंकों और वित्तीय कंपनियों को न्यूनतम मूल्य के बारे में निश्चितता रहती है जो किसानों को उनकी उपज के लिए मिलेगा. 👉 किसानों, एफपीओ को जिंस डेरिटिव एक्सचेंज में कारोबार के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते सेबी ने उन्हें नियामकीय फीस से छूट देने का फैसला किया है. इस प्रकार दी गई छूट का इस्तेमाल एक्सचेंज को किसानों और एफपीओ के लिए मंडी शुल्क, अनाज की सफाई, उसे सुखाने और पुट आप्शन के प्रीमियम की भरपाई के लिए करने की अनुमति दी गई है. क्या है ‘पुट ऑप्शन’? 👉 ‘पुट ऑप्शन’ धारक को किसी उत्पाद को उसके लिए तय मूल्य पर निर्धारित तिथि को बेचने का अधिकार तो होता है लेकिन यह उसका दायित्व नहीं होता है. जो भी किसान अथवा एफपीओ पुट आप्शन को खरीदता है उसे दाम गिरने के जोखिम से सुरक्षा मिलती है जबकि दाम बढ़ने का लाभ उसे प्राप्त होता है. स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍🏻करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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