योजना और सब्सिडीट्रैक्टर फर्स्ट
कृषि उपकरण पर किसानों को सब्सिडी!
👉कई बार किसान अपने कृषि कार्यों के लिए मज़दूर खोजते हैं, पर समय पर मज़दूर ना मिलने से कार्य बाधित होता है और फ़सल को भी नुक़सान होता है। सरकार इसे बखूबी से समझते हुए, किसानों को व्यापक पैमाने पर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान कर रहे हैं। कई किसान भाईयों का सवाल होता है कि कृषि यंत्र पर सब्सिडी कैसे पायें?, कृषि यंत्र पर छूट या अनुदान कैसे पायें? आज हम इसी विषय पर आपके लिए एक महत्त्वपूर्ण सूचना लाए हैं। 👉हाल ही में उत्तरप्रदेश सरकार ने यह घोषणा की है कि वे प्रदेश के 50 हज़ार किसानों को कृषि यंत्र पर छूट प्रदान करते हुए, उन्हें कम क़ीमत पर कृषि यंत्र खरीदने में मदद करेंगे। हालांकि इस तरह की योजना अन्य राज्य सरकारों ने भी चला रखे हैं। जैसे- कृषि यंत्र सब्सिडी उत्तरप्रदेश 2021, कृषि यंत्र सब्सिडी बिहार 2021, कृषि यंत्र सब्सिडी हरियाणा 2021, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा, झारखंड,आदि। क्यों दिया जा रहा अनुदान? 👉कृषि यंत्र आधुनिक कृषि की जरूरत बन चुकी है। आज आवश्यकता है कि अधिक से अधिक किसानों के पास कृषि यंत्र हो ताकि किसानों के लागत में कमी आ सके। कृषि यंत्र का उपयोग करने से किसानों का लागत तो कम होता ही है, साथ ही फसल की गुणवत्ता में सुधार के साथ, फसल का उत्पादन भी बढ़ता है। यही वजह है सरकार किसानों के आय वृद्धि करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। कृषि यंत्र योजना के उद्देश्य:- 👉प्रदेश में पराली जलाने के अधिकांश मामले आने की वजह से सरकार द्वारा ये कदम उठाया गया है। कई पराली निस्पादन यंत्र या फसल अवशेष निस्पादन यंत्र के माध्यम से किसान अपने खेतों से पराली को जलाने के बजाय उसे निस्पादित कर पाए इसलिए उन्हें इस योजना के तहत निस्पादन यंत्रों पर 100% अनुदान भी दिया जा रहा है। ताकि पराली का निस्पादन बड़े स्तर पर हो सके और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। वायु प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार तरह तरह के कदम उठा रही है। योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं। •वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना। •किसानों को पराली से भी आय जनरेट करना। •पराली का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ाना। •किसानों के लागत में कमी लाना। •किसानों के आय में वृद्धि करना। •कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा देना। कृषि यंत्र योजना के लाभ:- •कृषि यंत्र सब्सिडी योजना उत्तरप्रदेश के लाभ निम्न हैं। •किसानों को कृषि यंत्र अधिक से अधिक सब्सिडी पर मिल सकेंगे। •पराली का निस्तारण हो पाएगा। •पराली की समस्या का निदान मिलेगा। •किसानो के आय में वृद्धि होगी। •फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा। •किसानों के लागत में कमी आयेगी। कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए टोकन कैसे करवाएँ? 👉योजना के लाभ के लिए पंजीकृत किसानों को अब ऑनलाइन ही टोकन जेनरेट करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए निम्न प्रक्रिया को फॉलो करें। 15 नवंबर से साइट पर आवेदन लिए जा रहे हैं। जो किसान सामान्य एग्रीकल्चर मशीन भी चाहते हैं उन्हें भी सरकार द्वारा 40% से 100% तक अनुदान मिलेगा। किसानों को 1 लाख 70 हजार रुपए तक के थ्रेसिंग फ्लोर मशीन पर 100% की सब्सिडी भी दी जाएगी। 👉सर्वप्रथम कृषि यंत्र सब्सिडी योजना की ऑफिशियल वेबसाइट http://upagriculture.com/Default.aspx पर जाएँ। 👉अब जिस भी यंत्र पर आपको अनुदान चाहिए या जिस भी यंत्र को आप खरीदना चाहते हैं। उस पर क्लिक करते हुए उसे सिलेक्ट कर लें। 1.अगले पेज पर यंत्र टोकन का चुनाव करें। 2.तत्पश्चात जनपद का चुनाव करें। 3.इसके बाद आपको पंजीकरण संख्या दर्ज करनी होगी। 4.अब सर्च बटन पर क्लिक कर फिर से अपने यंत्र का चयन कर लें। 5.इसके बाद आवेदक के बारे में डिटेल्स मांगी जाएगी। जिसे अच्छी तरह से सही-सही भरना है *ताकि किसी भी प्रकार की अशुद्धि न हो। *उसके बाद आगे निर्देशानुसार आवेदन प्रक्रिया संपन्न करें। स्रोत -ट्रैक्टर फर्स्ट 👉किसान भाइयों इस उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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