सलाहकार लेखन्यूज़
किसान दिवस पर किसान भाइयों के लिए समर्पित!
त्याग और तपस्या का दूसरा नाम है किसान। वह जीवन भर मिट्‌टी से सोना उत्पन्न करने की तपस्या करता रहता है। तपती धूप, कड़ाके की ठंड तथा मूसलाधार बारिश भी उसकी इस साधना को तोड़ नहीं पाते। हमारे देश की लगभग सत्तर प्रतिशत आबादी आज भी गांवों में निवास करती है। जिनका मुख्य व्यवसाय कृषि है। कविता जय भारतीय किसान तुमने कभी नहीं किया विश्राम हर दिन तुमने किया है काम सेहत पर अपने दो तुम ध्यान जय भारतीय किसान। अपना मेहनत लगा के रूखी सूखी रोटी खा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान। परिश्रम से बेटों को पढ़ाया मेहनत का उनको पाठ सिखाया लगाने के लिए नौकरी उनको किसी ने नहीं दिया ध्यान जय भारतीय किसान। सभी के लिए तुमने घर बनाए अपने परिवार को झोपडी में सुलाए तुमको मिला नही अच्छा मकान जय भारतीय किसान। लोकगीत को गा के सबके सोए भाग जगा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान। आप सभी किसान भाइयों को किसान दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं! स्रोत:- न्यूज़, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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