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किसान के बेटे ने बनाई छिड़काव की जबरदस्त मशीन!
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किसान के बेटे ने बनाई छिड़काव की जबरदस्त मशीन!
👉🏻महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी योगेश गावंडे किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने फसलों में कीटनाशक छिड़काव में आने वाले किसानों की परेशानी को देखा था. इसलिए इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते हुए ने एक ऐसी स्प्रे मशीन बनाई जिससे किसानों की जिंदगी आसान हो गई. इसे हाथ से चलाने की जरूरत नहीं है. यही नहीं कम समय में ज्यादा खेत में स्प्रे हो सकता है. गावंडे ने पिछले चार साल में चार सौ से अधिक मशीनें देश के 15 राज्यों को किसानों को बेच दी हैं. अब इसकी मांग बढ़ रही है. इस मशीन से किसानों के समय की बचत हो रही है और प्वाइजनिंग का कोई जोखिम नहीं है. टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के लिए अभी और मशीनों पर काम करने की जरूरत है। 👉🏻गावंडे ने बताया कि मशीन में दोनों पहियों और एक चेन के सहारे स्प्रे होता है. इस स्प्रे मशीन का नाम नियो स्प्रे पंप रखा गया है. एक ही साथ फसलों की चार-चार लाइनों में स्प्रे हो सकता है. कृषि में जरूरत की हर चीज उपलब्ध है. लेकिन उसका सदुपयोग कैसे करना है इसके लिए आइडिया और कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है. समय के साथ, कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण में वृद्धि हुई है. इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार करोड़ों रुपये का निवेश कर रही है. ताकि किसानों का जीवन आसान हो। कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए तैयार किया था स्प्रे पंप:- 👉🏻मराठवाड़ा क्षेत्र के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एक किसान के बेटे द्वारा तैयार की गई स्वचालित छिड़काव मशीन की महाराष्ट्र के कृषि (Agriculture) जगत में चर्चा है. औरंगाबाद जिले के चित्तेपिम्पल गांव के योगेश गावंडे ने इस उपकरण को तैयार किया है. जिससे स्प्रे का काम आसान हो गया है. किसानों की समस्या के समाधान को ध्यान में रखकर उन्होंने नियो स्प्रे पंप एक कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए बनाया था। एक आइडिया जो बन गया कारोबार:- 👉🏻इस मशीन की कीमत केवल 3,800 रुपये थी. स्वचालित छिड़काव मशीन के सफल प्रयोग के बाद उन्होंने इस प्रायोगिक परियोजना को उद्योग में बदलने का फैसला किया. चिखलथाना में एक शेड बनवाया और 4 साल में 400 स्वचालित छिड़काव मशीनें बनाईं. इस प्रोजेक्ट से लगभग 20 लाख रुपये का कारोबार हुआ. योगेश ने एक कंपनी में मार्केटिंग की ली है। 👉🏻महाराष्ट्र में अंगूर, आम, केला, अनार, प्याज, सोयाबीन और कपास की बड़े पैमाने पर खेती होती है. इन सब में किसानों को स्प्रे करने में दिक्कत आती थी. किसान के बेटे ने इसे दूर करने की कोशिश की है. इस मशीन से सबसे ज्यादा सहूलियत सोयाबीन और कपास जैसी फसलों में मिलेगी. अब तो यूरिया का भी स्प्रे करना होगा क्योंकि यह लिक्विड के रूप में आ गई है. ऐसे में यह मशीन किसानों के बहुत काम आ सकती है। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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