कृषि वार्ताकिसान समाधान
किसान इस योजना के तहत लोन जमा कर ब्याज में पाएं 100 प्रतिशत तक की छूट!
एकमुश्त समाधान योजना के तहत ब्याज में छूट:- 👉🏻किसान कृषि कार्यों एवं अन्य गतिविधियों के लिए बैंक से ऋण लेते है परन्तु कई बार उसे किन्ही कारणों के चलते समय पर चूका नहीं पाते हैं, ऐसे में उन्हें उस पर बहुत अधिक ब्याज देना पड़ता है | कई बार यह ब्याज बढ़ते बढ़ते बहुत अधिक हो जाता है और किसान वह चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं, और डिफाल्टर बन जाते हैं | ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के ऋणी किसानों को एक बड़ी सौगात दी है | इसके तहत राज्य सरकार ने किसानों को पुराने ऋण चुकाने पर ब्याज में 100 फीसदी तक छूट देने के लिए “एकमुश्त समाधान योजना 2021″ लेकर आई है | 👉🏻राज्य के वे सभी किसान जो उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड से कृषि ऋण लिए हैं उनकों मूलधन को एक मुश्त जमा करने पर ब्याज में भारी छुट दी जा रही है | इसके अंतर्गत ब्याज में 30 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की ब्याज में छुट दी जाएगी | योजना का लाभ किस प्रकार के ऋण पर होगा ? 👉🏻एकमुश्त समाधान योजना के तहत उत्तर प्रदेश के ऐसे किसान जिन्होंने 1 अप्रैल 2009 को अथवा उसके पश्चात् दिनांक 31 मार्च 2013 तक के मध्य बैंक से ऋण लिया था उन्हें शामिल किया गया है | इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को एकमुश्त मूलधन जमा करना होगा | मूलधन में किसी प्रकार की छुट नहीं दी जाएगी | किस किसान को मिलेगी कितनी छूट ? 👉🏻किसानों को ब्याज में छुट उसके द्वारा लिए गये ऋण अवधि के अनुसार दी जाएगी | योजना के तहत 30 से 100 प्रतिशत की ब्याज में छुट दिए जाने का प्रावधान किया गया है | 👉🏻31 मार्च 1997 से 31 मार्च 2001 तक अथवा उक्त तिथि से पूर्व वितरित ऋण प्रकरणों में कुल देय मूलधन का शत प्रतिशत वसूली करते हुए उन पर देय समस्त ब्याज माफ़ किया जाएगा | 👉🏻ऐसे किसान जिनका 30/06/2020 तक बकाया जमा नहीं हुआ एसे किसानों को ब्याज पर 30 प्रतिशत की छुट दी जाएगी तथा ब्याज का 70 प्रतिशत किसान को मूलधन के साथ देना होगा | 👉🏻इसके साथ ही 30/06/2020 को अथवा उससे पूर्व ऋणी सदस्य के मृतक होने की स्थिति में दिनांक 31/03/2013 तक अथवा उससे पूर्व ऋणी के लिए जाने का प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेगा | मृतक बकायेदारों के ऋण प्रकरणों में बकाये की समस्त किश्तों के साथ ही साथ आगामी तिथियों में देय किश्तों का अग्रिम भुगतान किये जाने की दशा में श्रेणी 04 में प्रावधानित व्यवस्था के अनुसार समस्त प्रकार के ब्याज में 30 प्रतिशत का लाभ अनुमन्य किया जा सकेगा | नियम और शर्ते इस प्रकार है :- 👉🏻जिन प्रकरणों में वितरण धनराशि / मूलधन के 50 प्रतिशत के बराबर या अधिक ब्याज की वसूली कर ली गयी है, उनमें अवशेष मूलधन लिया जायेगा | 👉🏻ऐसे प्रकरणों में वितरण धनराशि / मूलधन के 50 प्रतिशत से कम ब्याज की वसूली की गयी है उनमें मूलधन / वितरण ऋण राशि के (पूर्व में वसूली ब्याज को घटाते हुये) 50 प्रतिशत तक के बराबर ब्याज लिया जायेगा | श्रेणी 3 के अनुसार दिनांक 01 अप्रैल 2001 से दिनांक 31 मार्च 2009 तक एक मध्य ऋण लेने वाले कृषकों से अवशेष समस्त मूलधन की वसूली की जाएगी व उस पर देय समस्त ब्याज पर छुट का लाभ निम्नानुसार अनुमन्य कराया जायेगा | 👉🏻जिन प्रकरणों में वितरण धनराशि / मूलधन के बराबर या अधिक ब्याज की वसूली कर ली गयी है, उनमें अवशेष मूलधन लिया जायेगा | 👉🏻ऐसे प्रकरणों में वितरण धनराशि / मूलधन से कम ब्याज की वसूली की गयी है उनमें मूलधन / वितरित ऋण राशि (पूर्व में वसूली ब्याज को घटाते हुये) के बराबर ब्याज लिया जायेगा | योजना का लाभ लेने के लिए यहाँ करें सम्पर्क:- 👉🏻उत्तर प्रदेश के किसान जिन्होंने सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड से ऋण लिया है और अभी तक सभी किश्त जमा नहीं की है उन सभी किसानों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित सहकारी विकास बैंक से संपर्क करें | स्रोत:- Kisan Samadhan, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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