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किसानों के लिए बड़ी खबर- गोबर से सीएनजी उत्पादन!
कृषि वार्ताTV9
किसानों के लिए बड़ी खबर- गोबर से सीएनजी उत्पादन!
👉🏻मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केंद्रीय बजट से राज्य सरकार को जिन-जिन गतिविधियों में लाभ मिल सकता है उस संबंध में प्रत्येक विभाग व्यवहारिक कार्ययोजना बनाएं. कृषि का विविधीकरण, मोटे अनाजों की खेती को प्रोत्साहन और प्राकृतिक खेती तथा ऑर्गेनिक फार्मिंग राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मंत्रिपरिषद के जिन-जिन सदस्यों के पास खेती है, वे अपने खेत में प्राकृतिक खेती का मॉडल फॉर्म विकसित करें. इससे प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरणा मिलेगी. चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर की पट्टी पर प्राकृतिक खेती को विकसित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। 👉🏻मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को विभिन्न विभागों से बजट‌ और योजनाओं को लेकर चर्चा की. सीएम ने कहा कि बजट के प्रावधानों से प्रदेश के विकास के लिए अधिकतम सहयोग प्राप्त किया जाए. बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में फसल पैटर्न के बदलाव का कार्य खरीफ की फसलों के साथ आरंभ कर दिया जाएगा. नरवाई जलाने की प्रथा पर नियंत्रण के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर बनाए जाएंगे, इसके लिए किसानों को किराए पर मशीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है। 👉🏻मधुमक्खी पालन के लिए ऐसा हो प्लान - मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी के तहत निर्धारित 22 उत्पादों का मैकेनिज्म विभिन्न जिलों के अधिकारियों तथा उत्पादकों के साथ तय किया जाए. उद्यानिकी उत्पाद, उनके गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, मार्केटिंग और ब्राण्डिंग के लिए संपूर्णता में रणनीति बनाना और उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है. मधुमक्खी पालन को उन्हीं जिलों में प्रोत्साहित किया जाए, जहां फूलों की खेती या फूलों वाली फसलें अधिक होती हैं। 👉🏻उद्यानिकी सहित पॉली हाउस, नर्सरी, प्राकृतिक खेती आदि के लिए दक्ष व्यक्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में मालियों के प्रशिक्षण के लिए विशेष व्यवस्था की जाना है. इस दिशा में कृषि विश्वविद्यालयों को जोड़कर रणनीति बनाई जाएगी। 👉🏻सीएनजी प्लांट के लिए प्रोजेक्ट - पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान‌ सीएम ने कहा कि गोबर से सीएनजी उत्पादन के प्लांट के लिए जबलपुर को चिन्हित किया गया है. बनारस में संचालित प्लांट का निरीक्षण करने जबलपुर से टीम भेजकर तत्काल प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा. हरे चारे को काटकर ब्लॉक बनाने की तकनीक को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है. चौहान ने कम राशि में संचालित होने वाले बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। 👉🏻मनरेगा तालाबों में मछली पालन विस्तार - मछली पालन में पुश्तैनी और परंपरागत रूप से कार्य कर रहे लोगों को सहकारिता गतिविधियों के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जाएगा. देश के जिन राज्यों में मछली पालन आधुनिकतम तरीकों से किया जा रहा है, उन राज्यों में प्रदेश के मछली पालकों के अध्ययन दल को भी भेजा जाएगा. बैठक में जानकारी दी गई कि मनरेगा में बने तालाबों पर भी मछली पालन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है. इसके साथ ही मार्च माह में मछुआरों से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 👉🏻प्रमुख बिंदु - >>गोबर से सीएनजी उत्पादन के लिए जबलपुर में स्थापित होगा प्लांट। >>नर्मदा नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर की पट्टी पर विकसित होगी प्राकृतिक खेती। >>प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करेंगे सभी मंत्री। >>मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देना जरूरी। >>जल्द शुरू होगा फसल पैटर्न में बदलाव का कार्य। >>चारे को काटकर ब्लॉक बनाने की तकनीक को प्रोत्साहित किया जाएगा। >>पराली जलाने की प्रथा पर नियंत्रण के लिए होंगे विशेष प्रयास। >>मालियों की ट्रेनिंग के लिए होगी विशेष व्यवस्था। >>मछली पालन में पुश्तैनी और परंपरागत रूप से काम कर रहे लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। >>आधुनिकतम तरीकों से मछली पालन करने वाले राज्यों का भ्रमण करेंगे प्रदेश के मछली पालक। स्रोत:- TV9 , 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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