कृषि वार्ताTV 9 Hindi
किसानों के लिए खुशखबरी- यूरिया खाद सस्ता करने को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला!
👉 भारत सरकार एफसीआईएल/एचएफसीएल की पांच बंद पड़ी इकाइयों को दोबारा चलाने योग्य बना रही है. यह काम तेलंगाना, ओडिशा,उत्तरप्रदेश,झारखंड और बिहार में 12.7 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाले अमोनिया यूरिया संयंत्र लगाकर पूरा किया जायेगा. 👉 एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन कदमों से देश में नीम कोटेड यूरिया की उपलब्धता बढ़ेगी. किसानों को सस्ता खाद मिलेगा. ऐसे में किसानों की आमदनी दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी. इन संयंत्रों के चालू हो जाने से घरेलू यूरिया उत्पादन में 63.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक का इजाफा हो जायेगा. सरकार का फैसला: ➡️ आरएफसीएल, एफसीआईएल की पुरानी रामागुंडम इकाई को दोबारा चलाने योग्य बनाया जा रहा है. इसके तहत एक नई गैस आधारित ग्रीन फील्ड नीम-कोटेड यूरिया संयंत्र लगाया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. ➡️ आरएफसीएल यूरिया परियोजना की लागत 6165.06 करोड़ रुपये है. इस संयंत्र को गैस गेल द्वारा मिलती है, जो जीएसपीएल इंडिया ट्रांसको लिमिटेड (जीआईटीएल) की एमबीबीवीपीएल (मल्लावरम-भोपाल-भीलवाड़ा-विजयपुर गैस पाइपलाइन) के जरिये प्रदान करता है. ➡️ आरएफसीएल की उत्कृष्ट गैस आधारित इकाई भारत सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत एफसीआईएल/एचएफसीएल की बंद पड़ी यूरिया इकाइयों को दोबारा शुरू करने का लक्ष्य है, ताकि यूरिया सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल हो सके. ➡️ इसके जरिये यूरिया क्षेत्र में माननीय प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विजन भी पूरा होगा. यह दक्षिण भारत में सबसे बड़ी उर्वरक निर्माण इकाई बन जायेगी. किसानों को होगा फायदा ➡️ परियोजना से न केवल किसानों को उर्वरकों की उपलब्धि में सुधार आयेगा, वरन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी इजाफा होगा. इसके साथ-साथ इलाके में सड़क, रेल, सहायक उद्यम आदि जैसे बुनियादी ढांचे का विकास होगा तथा देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी. ➡️ केंद्र सरकार किसानों को सालाना दे रही 42000 रुपये ! जानने के लिए 👉ulink://android.agrostar.in/articleDetail?articleId=Article_20210610_RJ_SCHEME_4PM&latestArticle=false&otherArticlesAvailable=false क्लिक करें। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। इस वीडियो में दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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