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किसानों की आय बढ़ाने के लिए PPP मॉडल का लिया जाएगा सहारा!
कृषि वार्ताTV 9 Hindi
किसानों की आय बढ़ाने के लिए PPP मॉडल का लिया जाएगा सहारा!
👉🏻सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान देशभर के किसानों को डिजिटल और उच्च-प्रौद्योगिकी वाली सेवाओं के वितरण के लिए किसान ड्रोन, रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा देने की घोषणा की है. संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि समावेशी विकास सरकार की आगे बढ़ने की चार प्राथमिकताओं में से एक है। 👉🏻वित्त मंत्री ने कहा, ‘समावेशी विकास के तहत सरकार फसल मूल्यांकन, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ‘किसान ड्रोन’ के उपयोग को बढ़ावा देगी.’ उन्होंने कहा कि सरकार कृषि स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड के माध्यम से सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई मिश्रित पूंजी के साथ एक कोष की सुविधा भी प्रदान करेगी। गंगा किनारे होगी प्राकृतिक खेती:- 👉🏻वित्त मंत्री ने कहा, ‘यह कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप का वित्तपोषण करने के लिए है.’ सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार पहले चरण में गंगा नदी के किनारे पांच किलोमीटर चौड़े गलियारों में किसानों की भूमि पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे देश में प्राकृतिक जैविक खेती को बढ़ावा देगी। 👉🏻उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों के आयात पर देश की निर्भरता कम करने के लिए तिलहन का घरेलू उत्पादन बढ़ाने को युक्तिसंगत और व्यापक योजना लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों को डिजिटल और ‘हाई-टेक’ सेवाएं देने के लिए सरकार निजी कृषि प्रौद्योगिकी कंपनियों और कृषि मूल्य श्रृंखला के अंशधारकों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान और विस्तार संस्थानों की भागीदारी में पीपीपी आधार पर एक योजना शुरू करेगी। MSP पर होगी रिकॉर्ड खरीद:- 👉🏻उन्होंने कहा कि प्राकृतिक शून्य बजट और जैविक खेती, आधुनिक कृषि, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्यों को कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को संशोधित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 2021-22 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 163 लाख किसानों से 1,208 लाख टन गेहूं और धान की खरीद करेगी। 2.37 लाख करोड़ DBT के जरिए ट्रांसफर:- 👉🏻उन्होंने कहा, ‘एमएसपी मूल्य का 2.37 लाख करोड़ रुपये उनके खातों में सीधे डाले जाएंगे.’ वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 को ‘मोटे अनाज का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोटे अनाज उत्पादों की घरेलू खपत को बढ़ाने के लिए फसल कटाई के बाद के प्रबंधन को सहायता देगी। कृषि क्षेत्र ने लचीलापन दिखाया है:- 👉🏻AgNext टेक्नोलॉजी के फाउंडर और सीईओ तरणजीत सिंह ने बजट को लेकर कहा कि एग्रीकल्चर सेक्टर ने कोरोना महामारी में भी लचीलापन दिखाया है. चालू वित्त वर्ष में एग्रीकल्चर सेक्टर का ग्रोथ 3.9 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में यह 3.6 फीसदी रहा था. सरकार खेती में उन्नत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दे रही है. सरकार एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी को एडवांस बनाना चाहती है. इसके लिए निवेश की घोषणा की गई है. बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि किसान ड्रोन, केमिकल फ्री नैचुरल फार्मिंग को प्रमोट किया जाएगा. किसानों को डिजिटल और हाईटेक डिलिवरी के लिए PPP मॉडल का ऐलान किया गया है. इससे प्राइवेट एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी कंपनियों और पब्लिक रिसर्च इंस्टिट्यूट के बीच तालमेल बेहतर होगा। PLI स्कीम के तहत 10900 करोड़ का ऐलान:- 👉🏻फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए PLI स्कीम के तहत 10 हजार 900 करोड़ का ऐलान किया गया है. इस घोषणा से भारत के एग्रिकल्चर कमोडिटी एक्सपोर्ट में तेजी आएगी. इससे रूरल इकोनॉमी को सपोर्ट मिलेगा. खासकर बजट घोषणा से एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी कंपनियों को काफी फायदा मिलेगा. स्टार्टअप्स के लिए टैक्स फ्री पीरियड को बढ़ाया गया है. ऐसे में एग्रीटेक स्टार्टअप्स को और ज्यादा फायदा पहुंचेगा। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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