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कम लागत में कमाए लाखों!
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कम लागत में कमाए लाखों!
👉🏻नारियल एक ऐसा फल है जो धार्मिक कार्यों से लेकर बीमारियों तक हर जगह इस्तेमाल किया जाता है. इसकी खेती से कम मेहनत और कम लागत में कई वर्ष तक कमाई की जा सकती है. नारियल के पेड़ 80 वर्षों तक हरे-भरे रह सकते हैं, ऐसे में किसान अगर एक बार नारियल का पेड़ लगा लें तो लंबे समय तक कमाई होती रहेगी! 👉🏻उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे भारत में नारियल बिकता है. नारियल उत्पादन में भारत दुनिया में नंबर एक पर है. यहां पर 21 राज्यों में नारियल की खेती की की जाती है. नारियल की खेती में मेहनत भी कम लगती है. इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं होता और कम लागत में वर्षों तक लाखों की कमाई कर सकते है नारियल का बाग इस तरह लगाएं ताकि बाग में पूरे साल फल रहे. इसके लिए आपको अलग-अलग मौसम में फलने वाले पौधों का चयन करना होगा.  👉🏻नारियल की कई ऐसी भी हैं, जिसके पेड़ पर पूरे साल फल लगे रहते हैं. इन पेड़ों पर नीचे के फल पकते रहते हैं और पेड़ के अंदर से छोटे-छोटे नए फल निकलते रहते हैं. यही कारण है कि नारियल तोड़ने और बेचने का सिलसिला भी पूरे साल चलता रहता है. इसकी खेती में कीटनाशक और महंगी खाद की जरूरत नहीं होती. हालांकि, एरियोफाइड और सफेद कीड़े नारियल के पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए किसानों को इसका ध्यान भी रखना होता है.  नारियल के पेड़ के फायदे  👉🏻नारियल के पौधे को स्वर्ग का पौधा भी कहते हैं. इसकी लम्बाई 10 मीटर से भी ज्यादा होती है. वहीं, इसका तना पत्ती और शाखा रहित होता है. इसका पानी बहुत की पौष्टिक होता है. इसके अलावा नारियल का पानी से लेकर गूदा और छिलके तक सब काम आते हैं. जिसे बोल चाल की भाषा में मलाई कहते हैं. नारियल के पेड़ का प्रत्येक हिस्सा किसी न किसी रूप में उपयोग किया जाता है. नारियल एक ऐसा फल है, जिससे आप अधिक कमाई कर सकते हैं.  कितने प्रकार के होते हैं नारियल? 👉🏻देश में नारियल की वैसे तो कई प्रकार की किस्में मौजूद हैं लेकिन मुख्य रूप से तीन प्रकार की ही प्रजातियां पाई जाती जाती हैं. इनमें लंबी, बौनी और संकर प्रजाति शामिल है. लम्बी प्रजाति के नारियल आकार में सबसे बड़े होते हैं और इनकी उम्र भी सबसे ज्यादा होती है. यही नहीं, इन्हें गैर-परम्परागत क्षेत्रों में आसानी से उगाया जा सकता है.  वहीं, बौनी प्रजाति के नारियल की उम्र लंबे नारियल के मुकाबले छोटी होती है, इसका आकार भी छोटा होता है. बौने नारियल के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होती है. साथ ही इसकी देखभाल की ज्यादा जरूरत होती हैं . संकर प्रजाति के नारियल को लंबी और बौनी प्रजाति के संकरण से तैयार किया गया है. माना जाता है कि इस प्रजाति के नारियल की देखभाल की जाए तो ये ज्यादा संख्या में पैदावार हो सकती है. खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी - 👉🏻नारियल की खेती के लिए बलुई मिट्टी की जरूरत होती है. काली और पथरीली जमीन में इसकी खेती नहीं की जा सकती. इसकी खेती के लिए खेत में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए. फलों को पकने के लिए सामान्य तापमान और गर्म मौसम की जरूरत होती है. वहीं, इसके लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता भी नहीं होती. पानी की पूर्ति बारिश के पानी से पूरी हो जाती है.  कैसे करें नारियल की खेती? 👉🏻आमतौर पर 9 से 12 महीने पुराने पौधे रोपने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं. ऐसे किसानों को ऐसी पौध चुननी चाहिए, जिनमें 6-8 पत्तियां हों. नारियल के पौधों को हम 15 से 20 फीट की दूरी पर लगा सकते हैं. ये ध्यान रखें कि नारियल की जड़ के पास पानी का जमाव न हो. जून से सितंबर के बीच नारियल के पौधे लगाए जा सकते हैं. नारियल के पौधे लगाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि पेड़ की जड़ में पानी का जमाव न हो. बरसात के मौसम के बाद नारियल के पौधे लगाना लाभकारी होता है! खेती के लिए उपयुक्त सिंचाई  👉🏻इसके पौध की सिंचाई 'ड्रिप विधि' के माध्यम से की जाती है. 'ड्रिप विधि' से पौधे को  उचित मात्रा में पानी मिलता है और इसकी अच्छी पैदावार होती है. ज्यादा पानी से नारियल का पौधा मर भी सकता है. नारियल के पौधों की जड़ में शुरुआत में हल्की नमी की जरूरत होती है. गर्मी के मौसम में पौधे को तीन दिन के अंतराल में ज़रुर पानी देना होता है. जबकि सर्दी के मौसम में सप्ताह में इसकी एक सिंचाई काफी होती है. 4 साल में फल देने लगता है नारियल -  👉🏻शुरुआती 3 से 4 साल तक नारियल के पौधों की देखभाल की जरूरत होती है. नारियल का पौधा 4 साल में फल देने लगता है. जब इसके फल का रंग हारा हो जाता है तो इसे तोड़ लिया जाता है. इसके फल को पकने में 15 महीने से ज्यादा समय लगता है. फल पेड़ से तोड़ने के बाद पकाया जाता है.  स्त्रोत:- AajTak 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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