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कृषि वार्ताद इकोनॉमिक टाइम्स
कम उत्पादन के चलते बढ़ सकते हैं दालों के भी दाम
नई दिल्ली। इस साल कम उत्पादन से दाल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे निपटने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने वाणिज्य मंत्रालय को सलाह दी है कि दाल आयात की मात्रा पर लगा प्रतिबंध हटाकर आयात बढ़ाया जाये। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त दाल है, लेकिन किसी तरह के उतार-चढ़ाव से कमी हो सकती है। दाल की पैदावार कम होने की आशंका के बीच आयात पर प्रतिबंध लगाने से कीमतें बढ़ेंगी। मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़द की लगभग 50 फीसदी फसल खराब हो गई है। भारी बारिश से दाल की खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सरकार ने इस वर्ष अरहर दाल के आयात के लिए चार लाख टन कोटा तय किया था जो 15 नवंबर को खत्म हो रहा है। उड़द और मूंग के लिए आयात की तारीख पहले से ही 31 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दाल की कीमतों में उछाल आ सकता है। दाल के भाव खासतौर से अरहर दाल की खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। स्रोत – इकोनॉमिक टाईम्स, 15 नवंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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