कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
एफसीआई की अधिकृत पूंजी बढ़ाई, अनाज की पैकिंग जूट में अनिवार्य
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अधिकृत पूंजी को 3,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, साथ ही जूट उद्योग को राहत देते हुए अनाजों की पैकिंग 100 फीसदी जूट बोरी में करने को भी अनिवार्य बना दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में यह मंजूरी दी गई। भारतीय खाद्य निगम किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खाद्यान्न की खरीद के लिए नोडल एजेंसी है, तथा एजेंसी किसानों से गेहूं और चावल की बड़े पैमाने पर खरीद करती है। भारतीय खाद्य निगम खाद्यान्न का बफर स्टॉक बनाने के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं में खाद्यान्न का आवंटन भी करती है। सीसीईए ने जूट उद्योग को राहत देने के लिए अनाजों की 100 फीसदी पैकिंग को जूट बोरी में करना भी अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा चीनी की 20 फीसदी पैकिंग भी जूट की बोरियों में करने को अनिवार्य कर दिया। जूट उद्योग में करीब 3.7 लाख लोग काम करते है। इसके अलावा लाखों किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए जूट की फसल पर निर्भर हैं। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 27 नवंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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