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एक करोड़ में बिका यह सांड, जानें क्यों है इतना खास?
👉🏻बैंगलोर में 11 नवंबर को चार दिवसीय कृषि मेले का आयोजन किया गया था. जहां मेले के आखिरी दिन कृष्णा सांड (Krishna bull) चर्चा का विषय बना रहा. कृष्णा को देखने और खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि 3.5 साल का यह सांड, खरीदरों की पहली पसंद बना रहा। 👉🏻सांड मालिक बोरेगौड़ा ने बताया कि यह हल्लीकर नस्ल का सांड है.इस नस्ल के सांड के स्पर्म यानी वीर्य की काफी ज्यादा डिमांड होती है. उन्होंने कहा कि वह इसके वीर्य की एक डोज 1 हजार रुपये में बेचते हैं. बोरेगौड़ा ने कहा कि हल्लीकर नस्ल के जितने भी मवेशी होते हैं वे ए2 प्रटोन वाले दूध के लिए जाने जाते हैं. सांड मालिक ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि अब यह नस्ल धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है. कृष्णा सांड को खरीदने के लिए व्यापारियों ने हजार, लाख नहीं करोड़ रुपये तक की बोली लगाई. सांड मालिक ने बताया कि मेले में एक खरीदार ने कृष्णा सांड को 1 करोड़ रुपये में खरीदा। 👉🏻कृष्णा की जब बोली लगाई जा रही थी तब मालिक की खुशी और उनका दुःख चेहरे पर साफ तौर पर दिख रहा था. बोरेगौड़ा ने कहा कृष्णा की उम्र भले ही साढे़ तीन साल की है लेकिन इसने अपने से बड़े उम्र के सांडों को पीछे छोड़ दिया. बोरे गौड़ा के मुताबिक यहां लगने वाले मेले में सामान्य तौर पर 1 से 2 लाख के बीच में ही सांड बिकते हैं. इतनी बड़ी बोली सांड के लिए कभी नहीं लगी. इस नस्ल के सांड की खासियत होती है कि उनका वजन 800 से 1000 किलोग्राम तक होता है और लम्बाई 6.5 फीट से लेकर 8 फीट तक की होती है। किसानों के लिए 550 से अधिक लगाए गए थे स्टॉल:- 👉🏻मेले मे भाग लेने के लिए करीब 12 हजार से अधिक किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है की किसानों के बीच कृषि मेला का क्या महत्व है और वे इसे लेकर कितने उत्साहित रहते हैं। स्रोत:- Krishi Jagran, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों दी गई उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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