सलाहकार लेखकिसान समाधान
इस वर्ष के लिए यह हैं गन्ने की सबसे अच्छी किस्में!
गन्ने की सबसे अच्छी किस्में:- 👉🏻देश में नगदी फसलों में कपास के बाद गन्ने की खेती प्रमुखता से की जाती है | इसकी खेती उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के राज्यों में होती है | भारत में गन्ने का औसतन उत्पादन 64.5 टन प्रति हैक्टेयर है, जो दुसरे देशों से काफी कम है | हवाई नामक देश में गन्ने का औसत उत्पादन 121 टन प्रति हैक्टेयर है जो भारत की तुलना में बहुत अधिक है | इसका प्रमुख कारण गन्ने की प्रजातियों का उत्पादन क्षमता कम होना है | गन्ने की प्रजातियाँ गन्ने की धुरी होता है, इस पर ही गन्ने के उत्पादन के साथ–साथ चीनी तथा शर्करा उताप्दन निर्भर करती है | किसान समाधान वर्ष 2020-21 के के लिए गन्ने की श्रेष्ठ किस्मों की जानकारी लेकर आया है | इस वर्ष में गन्ने की सबसे अच्छी किस्में एवं उनकी विशेषताएं:- को. – 0238 (करण-4):- 👉🏻गन्ने की यह किस्म गन्ना उत्पादन तथा चीनी उत्पादन में अव्वल है | इस किस्म का विकास भारतीय कृषि अनुसंधान परियोजना–गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र, करनाल से किया गया है | इस किस्म को अगेती गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है | यह किस्म किन राज्यों के लिए है ? 👉🏻गन्ने की यह किस्म भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के लिए विकसित की गई है | भारत उत्तर–पश्चिम के राज्य हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी व केन्द्रीय उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा राजस्थान में उसकी खेती की जा सकती है | गन्ने की यह किस्म कई प्रकार की जलवायु में सहनशील है | यह किस्म सूखे, जलभराव एवं लवणीय भूमि में भी बेहतर प्रदर्शन करती है | इस किस्म का उत्पादन कितना है ? 👉🏻गन्ने की यह किस्म उत्तर–पश्चिम क्षेत्र में बेहतर उत्पादन देती है | अखिल भारतीय समन्वय अनुसंधान परियोजना (गन्ना) के अंतर्गत इस किस्म की गन्ना की उपज 81 टन प्रति हैक्टेयर है | चीनी उत्पादन में और किस्मों से कम है | इस किस्म की गन्ने से चीनी उत्पादन 9.95 टन प्रति हैक्टेयर है, जबकि शर्करा में 17.99 प्रतिशत है | को. – 0118 (करण-2):- 👉🏻गन्ने की यह किस्म ज्यादा पैदावार एवं ज्यादा चीनी उत्पादन वाली अगेती किस्म है | इसके गन्ने हरे बैंगनी रंग के मोती प्रतिशंकुकार पेरियों वाले होते हैं | इसकी आँखें अंडाकार मध्यम अकार की होती है जो वृद्धि छल्ले को छुए हुए होते हैं | इसकी आँखे खांचा कम गहरा होता है व पत्राच्छाद पर कांटे होते हैं तथा क्लिक व पत्ती आधार के मध्य फासला नहीं पाया जाता है | यह किस्म किन राज्यों के लिए है ? 👉🏻गन्ने की यह किस्म भारत के उत्तर–पश्चिम राज्यों के लिए विकसित की गई है | देश के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड राज्यों में इसकी खेती की जा सकती है | इस किस्म की उत्पादन कितना है ? 👉🏻इस किस्म की गन्ने की उपज तथा चीनी उत्पादन अधिक है | भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के परीक्षणों में को. – 0118 किस्म ने 78.2 टन प्रति हैक्टेयर गन्ना उपज दी है | चीनी के उत्पादन में यह किस्म 9.88 टन प्रति हैक्टेयर दर्ज करा चुका है, जबकि शर्करा उत्पादन में 18.45 प्रतिशत की मात्रा रखता है | 👉🏻खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- Kisan Samadhan, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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