इस मौसम में कीटों की रोकथाम!
गुरु ज्ञानAgrostar
इस मौसम में कीटों की रोकथाम!
👉सब्जियों को लेकर सलाह:-- इस मौसम में किसान अपने खेतों की नियमित निगरानी करें. यदि फसलों व सब्जियों में सफ़ेद मक्खी या चूसक कीटों का प्रकोप दिखाई दें तो थायमीथोजाम@10 ग्रा. प्रति 10 लीटर पानी में या नीम-तेल (5 %) प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. 👉 मिर्च, बैंगन में यदि फल छेदक, शीर्ष छेदक एवं फूलगोभी व पत्तागोभी में डायमंड बेक मोथ की निगरानी के लिए फीरोमोन प्रपंच 4-6 प्रति एकड़ की दर से लगाए तथा प्रकोप अधिक हो तो स्पेनोसेड़ दवाई 1.0 मि.ली./4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़­काव करें. 👉किसान इस समय सरसों साग- पूसा साग-1, मूली- पूसा चेतकी, समर लोंग, पूसा चेतकी; पालक- आल ग्रीन मेथी- पी. ई. बी. तथा धनिया- पंत हरितमा या संकर किस्मों की बुवाई मेड़ों (उथली क्यारियों) पर करें. 👉जिन किसानों की हरी प्याज की पौध तैयार हैं तो रोपाई मेड़ों (उथली क्यारियों) पर करें. जिनको पौधशाला तैयार करनी है तो पौधशाला जमीन से थोड़ा ऊपर बनाये. 👉अगेती आलू की बुवाई से किसानों को अधिक लाभ की प्राप्ति हो सकती हैं,क्योंकि यह फसल 60-90 दिन में तैयार हो जाती है.उन्नत किस्म- कुफरी सुर्या, इसके बाद रबी की कोई अन्य फसल जैसे पछेता गेहूँ को लिया जा सकता है. 👉इस मौसम में कीटों की रोकथाम के लिए प्रकाश प्रपंच का भी इस्तेमाल कर सकते है.इसके लिए एक प्लास्टिक के टब या किसी बरतन में पानी और थोड़ा कीटनाशी मिलाकर एक बल्ब जलाकर रात में खेत के बीच में रखे दें. प्रकाश से कीट आकर्षित होकर उसी घोल पर गिरकर मर जायेंगें इस प्रपंच से अनेक प्रकार के हानिकारक कीटों का नाश होगा. 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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