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इन परीक्षाओं को पास करके बन सकते हैं शिक्षक!
👉🏻भारत में बीते कुछ सालों में टीचिंग लाइन में युवाओं की दिलचस्पी लगातार बढ़ती गई है. यही वजह है कि हर साल लाखों की संख्या में छात्र सरकारी शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटी मैं नौकरियों की हर साल बहुत सारी वैकेंसी जारी होती है. खास बात यह है कि लगभग सभी शिक्षण संस्थानों में सभी विषयों के अलग-अलग शिक्षक होने लगे हैं और उस हिसाब से भर्तियां भी होती हैं। 👉🏻एजुकेशनल सब्जेक्ट के अलावा योग, फिटनेस, स्पोर्ट्स, म्यूजिक, ड्रामा और कल्चरल एक्टिविटी जैसे विषयों के भी शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ी है. साथ ही टीचर की सैलरी में भी कई बदलाव किए गए हैं. ऐसे में जो उम्मीदवार क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं उन्हें नीचे बताए गए परीक्षाओं में जरूर शामिल होना चाहिए। जरूरी योग्यता:- 👉🏻सबसे पहले जान लें कि भारत में टीचर बनने के लिए बी एड होना जरूरी है. अपनी योग्यता में इजाफा करने के लिए आप एम एड भी कर सकते हैं. इसके अलावा आप बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (BTC), डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) या टीचिंग ट्रेनिंग सर्टिफिकेट भी कर सकते हैं. टीचिंग में सरकारी नौकरी करने की इच्छुक कैंडिडेट्स CBSE की तरफ से आयोजित होने वाले सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) में भी शामिल हो सकते हैं। इन एग्‍जाम में हो सकते हैं शामिल:- 👉🏻TGT और PGT- यह टेस्ट स्टेट लेवल पर कराया जाता है. मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में यह एग्जाम फेमस है. टीजीटी के लिए ग्रेजुएट और बीएड होना जरूरी है और पीजीटी के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और बीएड डिग्री होना जरूरी है. टीजीटी पास टीचर 6 से लेकर 10 तक के बच्चों को पढ़ाते हैं पीजीटी पास करने के बाद टीचर सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं. कुछ विषयों के लिए योग्यताओं की मांग अलग होती है. हाल ही में यूपी में टीजीटी और पीजीटी भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन हुआ है। CTET:- 👉🏻केंद्रीय विद्यालय, दिल्ली के स्कूल, तिब्बती स्कूल और नवोदय विद्यालयों में टीचर बनने के लिए इस एग्जाम को पास करना होता है. ये एग्जाम सीबीएसई की ओर से आयोजित की जाती है जिसमें ग्रेजुएट पास और बीएड डिग्री वाले स्टूडेंट ही हिस्सा ले सकते हैं. इस एग्जाम को पास करने के लिए उन्हें 60 % मार्क्स लाना जरूरी है. एग्जाम पास करने वाले उम्मीदवारों को 7 साल तक मान्य रहने वाला सर्टिफिकेट दिया जाता है। यूजीसी नेट/JRF:- कॉलेज या यूनिवर्सिटी में में लेक्चरर की नौकरी करने के लिए नेट का एग्जाम निकालना जरूरी है. नेट का पेपर एक साल में 2 बार दिसंबर और जून में होता है. नेट एग्‍जाम में तीन पेपर होते हैं. उम्मीदवार इंग्लिश और हिंदी किसी भी मीडियम से परीक्षा दे सकते हैं। टीईटी:- 👉🏻देश के कई राज्यों में इस एग्जाम को बीएड और डीएड करने वाले स्टूडेंट्स के लिए कराया जाता है. इस एग्जाम में वे स्टूडेंट भी हिस्सा ले सकते हैं जिनके बीएड का रिजल्ट नहीं आया है. एग्जाम पास करने के बाद राज्य सरकार कुछ निश्चित सालों के लिए एक सर्टिफिकेट देती है. ये समय 5-7 साल का होता है. इस दौरान उम्‍मीदवार टीचर भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों दी गयी उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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