सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
आलू की खेती के लिए बंपर पैदावार वाली आलू की 10 बेहतरीन किस्में!
👉आलू रबी फसलों की महत्वपूर्ण फसल है. उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत लगभग सभी राज्यों में आलू की खेती होती है. आलू की खेती करने वाले किसान अगर आलू की सही किस्म (Best varieties of potatoes) का चयन कर लें तो उनका मुनाफा बढ़ सकता है. इस खबर में हम आलू की उन 10 सबसे बेहतरीन किस्मों के बारे में बात करेंगे जो पैदावार के मामले में अव्वल हैं। 👉केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला ने अपनी वेबसाइट पर आलू की लगभग सभी किस्मों के बारे में बताया है. किस किस्म से कितना आलू पैदा होता है और देश के किस हिस्से में कौन सी किस्म की खेती सही होगी, ये भी बताया गया है. हमने सूची में सबसे ज्यादा पैदावार वाले 10 किस्मों को चुना है। कुफरी थार- 3:- 👉आलू की इस किस्म में पानी की खपत 20 फीसदी तक कम होती है. हरियाणा, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ इसकी खेती के लिए मुफीद राज्य हैं. पैदावार प्रति हेक्टेयर 450 क्विंटल तक होती है. ऊपरी पहाड़ों या गंगा के मैदानी इलाकों में इसी खेती अच्छी होती है। कुफरी गंगा:- 👉इसमें फसल देर से लगती है लेकिन सूखे की स्थिति में भी इसकी पैदावार प्रभावित नहीं होती. उत्पादन प्रति हेक्टेयर 350-400 क्विंटल होती है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बेहतर किस्म। कुफरी मोहन:- 👉इस प्रजाति की सबसे अच्छी बात ये है कि इस पर पाले का असर कम होता है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 350-400 क्विंटल. उत्तरी और पूर्वी मैदानी इलाकों में इसकी खेती अच्छी होगी। कुफरी नीलकंठ:- 👉पाले से लड़ने में सक्षम. एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर. इसका स्वाद बहुत पसंद किया जाता है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 350-400 क्विंटल. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बेहतर किस्म। कुफरी पुखराज:- देर से तुड़ाई वाली किस्म. इसकी खेती में खर्च कम आता है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 350-400 क्विंटल. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बेहतर किस्म। कुफरी संगम:- 👉इस किस्म की फसल को भंडारण के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 350-400 क्विंटल तक होता है. उत्तरी और मध्य मैदानी क्षेत्रों के लिए बेहतर। कुफरी ललित:- 👉पाला अवरोधी आलू की इस किस्म की भी पैदावार अच्छी होती है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 300-350 क्विंटल. पूर्वी मैदानी क्षेत्रों के लिए विशेष किस्म। कुफरी लालिमा:- 👉ये किस्म पाले को रोकने में सक्षम है. ज्यादा गर्मी या ज्यादा ठंडी में भी इसकी पैदावार प्रभावित नहीं होती. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 300-350 क्विंटल. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बेहतर किस्म। कुफरी चिप्सोना-4 👉आलू की इस किस्म की खेती कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और गुजरात में होती है. उत्पादन प्रति हेक्टयेर 300-350 क्विंटल। कुफरी गरिमा:- 👉इस किस्म की खेती उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में कर सकते हैं. इसका उत्पादन 300 से 350 कुंतल प्रति हेक्टेयर मिलता है. इसे लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं। स्रोत:-एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 👉प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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