कीट जीवन चक्रएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
आलू कंद शलभ या पोटेटो टयूबर मॉथ का जीवन चक्र
पौषक पौधेः- आलू टमाटर बैंगन तम्बाखू आदि। पहचान:- पूर्ण विकसित सूंडी लगभग 15-20 मि.मी. लम्बी होती है तथा शरीर का रंग हल्का हरा और सिर का रंग भूरा होता है। वयस्क शलभ भूरे-कत्थई रंग की छोटे होते है।
क्षतिः- इस कीट की सूंडी अवस्था हानिकारक होती है। यह कीट आलू को भण्डार-गृहों और खेतों दोनों स्थानों पर हानि पहुंचाता है। भण्डार गृहों में भंडारित आलू कंदों में नालियां बनाकर खाता है तथा ग्रसित कंदो की सतह पर काली विष्ठा छोड़ता है। सुरंग युक्त पत्तियां तथा ग्रसित टहनियों का गिरना खड़ी फसल में इस कीट के क्षति के लक्षण है। प्रबंधनः- • स्वस्थ एवं प्रमाणित कंद बीज का प्रयोग करें, आंख के चारो तरफ काले धब्बे हो उसका चयन न करे। • फसल की बुआई 15 नवम्बर या इससे पहले करनी चाहिए। • फसल पर उचित समय में मिट्टी चढ़ाये एवं आवश्यकता अनुसार सिंचाई करे अन्यथा मिट्टी में पड़ी दरारों से कंद खुल सकते हैं। • लगभग 75 प्रतिशत पत्तियां सूखने पर कंदो की खुदाई करें। • खोदे गये कंदो से स्वस्थ कंद चयनित कर भंडार-गृहों में रखें और उन पर बालू रेत की 25 से.मी. मोटी तक बिछाये जिससे मादा कंदो पर अण्डा न दे सकें। स्रोत:- विक्टोरिया नाओरेम यदि आपको यह वीडियो पसंद आया तो कृपया इसे लाइक और शेयर करें।
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