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सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
अमरुद की उन्नत खेती का राज!
की उन्नत खेती का राज! • अमरुद की खेती अधिक आय देनेवाली बागवानी फसल है। • इसके लिए अच्छी जलनिकास एवं गहरी दोमट मिटटी उपयुक्त होती है। • उच्च सहंता उद्यान के संकल्पना के द्वारा 6 *3 सैं.मी.3 *3 सैं.मी.दुरी पर पौधे लगाना चाहिए। इससे प्रति हेक्टर अधिक पौधे की संख्या मिल सकती है। • ग्रीष्मकालीन विशेषतः अप्रैल माह में 75 *75 *75 सैं.मी.लंबाई,चौड़ाई, गहराई आकार के गड्डे बनाए। और गड्डे को 2 माह तक गड्डे को खुला छोड़ दीजिए ताकि तेज धुप से मिटटी में उपस्थित फफूंदी, कीट नष्ट हो जाए। • जून माह में प्रति गड्डे में 25 किलोग्राम अच्छी सड़ी गोबर खाद, 1 किलोग्राम सिंगल सुपर खाद, 500 ग्राम पोटाश, 1 किलोग्राम नीम की खल, 25 ग्राम ट्रायकोडर्मा, 25 ग्राम एजोटोबैक्टर, 25 ग्राम फास्फोरस घोलक जीवाणु आदि सभी गड्डे ऊपरी मिटटी मिलाकर गड्डों को भर दीजिए। • पौध लगाने का उचित समय 15 जुलाई से 15 अगस्त उपयुक्त है। • अमरुद की उन्नत क़िस्म - सफ़ेद गूदे की इलाबाद सफेदा, लखनऊ 49 और लाल गूदे की ललित किस्म लगाना उचित है।
स्रोत - एग्रोनॉमी एक्सीलेन्स सेंटर अमरुद की खेती के अधिक जानकारी के लिए ये वीडियो जरूर देखें और लाईक करके अपने किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करे।
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