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अब जमीन का भी होगा ‘आधार’ नंबर!
कृषि वार्तान्यूज18
अब जमीन का भी होगा ‘आधार’ नंबर!
👉🏻वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए थे. इनमें जमीनों के रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन भी शामिल है. वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के तहत 2023 तक जमीनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है. इसमें हर जमीन या खेत को एक पंजीकरण नंबर (Unique Registered Number-URN) दिए जाने की तैयारी की जा रही है. यह नंबर 14 अंक का हो सकता है। 👉🏻इस यूनिक नंबर (URN) से कोई भी व्‍यक्ति अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड न केवल ऑनलाइन देख पाएगा, बल्कि डाउनलोड भी कर पाएगा. इससे लोगों को अपनी जमीन के कागजात हासिल करने में जहां आसानी होगी. वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि जैसी कई योजनाओं में भी इस URN का प्रयोग हो सकेगा। 👉🏻बनेगा पोर्टल, ड्रोन से नापी जाएगी जमीन - केंद्र सरकार देश की पूरी जमीन का डाटा डिजिटल फार्मेट में एक ही जगह एकत्रित करने के लिए एक पोर्टल बनाएगी. इस डिजिटल पोर्टल पर ही सारा डेटा उपलब्‍ध होगा. कोई भी व्‍यक्ति इस पोर्टल पर अपनी जमीन का Unique Registered Number डालकर इसकी जानकारी निकाल सकेगा. इस नंबर को जमीन का आधार नंबर भी कहा जा सकता है। 👉🏻वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के जरिये सरकार ड्रोन की मदद से जमीन नापेगी. ड्रोन से जमीन पैमाइस से किसी तरह की गलती या गड़बड़ी की आशंका नहीं होगी. इसके बाद इस पैमाइश को सरकारी डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा. गौरतलब है कि हरियाणा में राज्‍य सरकार ने गांवों को लाल डोरा मुक्‍त करने के लिए गांव में घरों और प्‍लाटों की पैमाइश ड्रोन से की है. ड्रोन का प्रयोग इसमें बहुत सफल रहा है। 👉🏻यह होगा फायदा URN से कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन की पूरी डिटेल्स और कागजात आसानी से देख पाएगा. इससे आम लोगों को कागजात लेने के लिए तहसील के चक्‍कर नहीं लगाने पड़ेंगे. जमीन खरीदने व बेचने में भी पारदर्शिता आएगी. प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि जैसी कई योजनाओं में जमीन की जानकारी देनी होती है तथा जमीन संबंधी कागजात अपलोड करने होते हैं. ऐसी योजनाओं में URN ही बाद में काम आ सकेगा और कागजात देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्रोत:- News18, 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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