क्षमस्व, हा लेख आपण निवड केलेल्या भाषामध्ये नाही
कृषी वार्तारफ़्तार
मध्य प्रदेश में कोई मंडी बंद नहीं होगी: सीएम शिवराज!
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से प्रदेश के 22 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा के 4 हजार 686 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार किसान हितैषी है और सरकार का मुख्य केन्द्र बिन्दु किसान एवं खेती है। हर परिस्थिति में सरकार किसान के साथ खड़ी है। कार्यक्रम में मौजूद एवं वेब कास्टिंग के माध्यम से जुड़े किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकार में आते ही किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा की पुरानी किश्त भरने का काम किया। किसानों के हित में निर्णय लिया गया है कि मध्यप्रदेश में कोई भी मंडी बंद नहीं होगी। प्रदेश के किसान को यह सुविधा दी गई है कि वह चाहे तो अपने खेत से या अपने घर से भी अपनी उपज बेच सकता है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाया जायेगा और माँ नर्मदा का जल मालवा क्षेत्र में लाकर रहेंगे। आगामी तीन वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई के लिये हरित क्रान्ति समिति का गठन भी किया जायेगा। किसानों की जिन्दगी को पटरी से उतरने नहीं दिया मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी से किसानों को बीमा राशि की सौगात दी जा रही है। कोरोना संकट के कारण प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था के बाबजूद भी किसानों के हित में किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। किसानों की जिन्दगी को पटरी से उतरने नहीं दिया सहकारी बैंक का 1500 करोड़ रुपये भर रहे हैं। इसके साथ ही भावांतर के 470 करोड़ रुपये भी हम देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों का एक करोड़ 29 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदा। गेहूं खरीदी में हमने पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ दिया। 25 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में हस्तांतरित की। तिवड़ा लगा चना भी खरीदा। पूर्व में 13 क्विंटल चना खरीदी की ही अनुमति थी। केन्द्रीय कृषि मंत्री से बात कर इसे 20 क्विंटल तक बढ़ाया। उपार्जन की राशि 30 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाली। पूर्व में प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ 35 लाख किसानों को मिलता था, जिसे हमने बढ़ाकर 77 लाख तक कर दिया है। अब हर किसान को मिलेगा किसान क्रेडिट कार्ड मुख्यमंत्री ने बताया कि अब कोई भी किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित नहीं रहेगा। दूध उत्पादक कृषकों के भी किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जायेंगे। यदि कोई व्यक्ति गोवंश के लिये ऋण लेता है तो उसे जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र का सर्वे कर ग्रामीण व्यक्तियों को भू-अधिकार दिया जायेगा। वह अपने घर के माध्यम से ऋण ले सकेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में 13 हजार लोगों की जान बचाई गई और फसल नुकसान का सर्वे किया गया। सोयाबीन, उड़द एवं मक्का की फसल में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जायेगी, चाहे इसके लिये कहीं से भी उधारी लेनी पड़े। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है और हमने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश किसानों के सहयोग से ही बन सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी कभी बन्द नहीं की जायेगी। एक हजार जलवायु आधारित गाँव बनाये जायेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक हजार जलवायु आधारित गाँव बनाये जायेंगे। गांवों में कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित किया जायेगा। अब किसानों से ही कच्चे माल का फूड प्रोसेसिंग करवायेंगे। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जायेगा। चिन्नौर का चावल एवं गाडरवाड़ा की दाल को जियोटैग दिलवायेंगे। एक जिला एक पहचान के तहत उस जिले की उद्यानिकी फसल को पहचान दिलाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को फसल बीमा की राशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले के छह किसानों को खरीफ-2019 की फसल बीमा राशि के भुगतान स्रोत:- रफ़्तार, 18 सितंबर 2020, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।
38
4
संबंधित लेख