पशुपालनकृषि जागरण
पशुओं में दूध और दूध में वसा प्रतिशत बढ़ाने के लिए। ..
पशुपालक का मुनाफा दूध और दूध के वसा पर निर्भर होता हे। पशुधन में दूध उत्पादन और वसा का प्रतिशत गाय की आनुवंशिक संरचना पर निर्भर करता है। लेकिन पशुपालक पशु से उनकी क्षमता के अनुसार दूध उत्पादन ले पाता हे। इस के लिए प्राथमिक कारण कुपोषण है जिम्मेदार हैं।
मुख्य पोषक तत्व: - • जानवरों को उनके आहार में केवल एक प्रकार की हरी घास नहीं दी जानी चाहिए। • पशुओं को विभिन्न प्रकार के हरे चारे के साथ बीन्स( फलियां वर्गीय) चारा को मिलाकर खिलाया जाना चाहिए। • हरा चारा पशुओं को चट करके दिया जाता है, ताकि पशु आसानी से खा सके और चारे की बर्बादी को भी रोक सके। • शाम को दूध निकालने के बाद सूखा चारा देना उचित है। • अधिक मात्रा में दूध देने वाले पशुओं को थोड़ी ज्यादा मात्रा में खुराक देना चाहिए। • पशु को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ताजे पानी देना चाहिए। • पानी पिने की टैंक में थोड़ा चुना रखने से पशु में कैल्शियम की कमी नहीं होती है और पशु को कई अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। • पशुओं को खुराक के साथ पर्याप्त मात्रा में खनिज मिक्सर( मिनरल मिक्सर) देना चाहिए। • 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर प्रतिदिन आहार में अवश्य देना चाहिए। इसके अलावा, आहार के साथ 30 ग्राम नमक की सिफारिश की जाती है। • आहार देने का समय, दूध निकालने का समय निर्धारित किया जाना चाहिए। • पशु आवास की स्वच्छता रखे। • पशुओं को किसी भी प्रकार के तनाव का सामना नहीं करना चाहिए अन्यथा दूध उत्पादन और वसा प्रतिशत प्रभावित होगा।
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