कृषि वार्तागांव कनेक्शन
खुशखबरी: पराली के बदले मिलेगी खाद, जानिए कैसे!
👉अगर आप किसान हैं और आपके पास पराली है, जिसकी आपको जरूरत नहीं तो आप उसके बदले खाद ले सकते है। यूपी के उन्नाव जिले में जिला प्रशासन ने पराली के बदले खाद की योजना शुरू की है। दो ट्राली पराली गोशाला में देने पर एक ट्राली गाय के गोबर की खाद किसानों को दी जा रही है। 👉योजना को लेकर उन्नाव के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने गांव कनेक्शन से कहा, "पराली दो खाद लो" योजना लागू करने के पीछे तीन वजह हैं। जलाने से प्रदूषण नहीं होगा। गोशालाओं में चारे की कमी नहीं रहेगी। जैविक खाद के उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी तो इससे उत्पादन अच्छा होगा और किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा।"" सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध तो लगाया ही गया है साथ ही इसे कानूनी अपराध घोषित दिया गया है। यूपी, पंजाब और हरियाण में तमाम किसानों पर रिपोर्ट दर्ज उन्हें जेल भेजा जा चुका है। इसके साथ ही केंद्र सरकार पराली को अध्यादेश के माध्यम से नया कानून लेकर आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन अध्यादेश, 2020 जो कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद अब कानून बन चुका है, के तहत दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलाने का दोषी पाए जाने वालों पर पांच साल तक की जेल की सजा और एक करोड़ रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस कानून के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के अलावा पराली का जलाना भी शामिल किया है। ऐसे में पराली का प्रबंधन बड़ी समस्या बना है। 👉यूपी में लखनऊ और कानपुर के बीच बसे उन्नाव जिले से शुरू हुई इस योजना को किसान और सरकार दोनों के नजरिए से मुफीद बताया जा रहा है। बहुत सारे किसानों को पराली की जरूरत नहीं होती है ऐसे में वो पराली को गोशालाओं को देकर गोबर की कंपोस्ट खाद ले सकते हैं जबकि इससे छुट्टा पशुओं के लिए बनाई गोशालाओं में चारे की कमी और सर्दी की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। 👉फसल अवशेष निस्तारण के लिए शुरू की गई ""पराली दो खाद लो"" योजना के तहत किसानों को दो ट्राली पराली के बदले एक ट्राली गोबर की खाद दी जा रही है। योजना की शुरुआत नौ नवंबर को जिलाधिकारी ने जिले के सरोसी ब्लॉक के थाना गांव मे बनी स्थाई आदर्श गौशाला थाना से किसान । इस मौके पर किसान कृष्ण मोहन, छंगा, कमलकिशोर,अमरेंद्र कुमार और समरेंद्र सिंह को दो-दो ट्राली पराली के बदले खाद दी गयी। 👉वहीं इस बारे में पीके सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उन्नाव ने गांव कनेक्शन को बताया, ""22 गोशालाओं में योजना की शुरुआत की गई है। अभी तक 167 टन पराली गोशालाओं में पहुंच चुकी है। हमारा लक्ष्य है अगले 15 दिन में हर ब्लॉक में कम से कम 100 टन पराली गोशालों में पहुंचे।"" उन्होंने आगे बताया कि जनपद में 150 से ज्यादा गोशालाएं हैं, जिन गौशालाओं में 25 से जायदा पशु हैं वहां ये योजना शुरू करेंगे। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत- गांव कनेक्शन, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक👍करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।"
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